पुनित चपलोत
भीलवाड़ा // शहर के अरिहंत हॉस्पिटल में उपचार के दौरान एक 18 वर्षीय छात्रा की मौत के बाद शनिवार को देर रात तक हंगामा और प्रदर्शन जारी रहा। गुस्साए परिजनों ने अस्पताल प्रशासन पर इलाज में लापरवाही का आरोप लगाते हुए मुआवजे की मांग की और अस्पताल परिसर में धरने पर बैठ गए।
कोतवाली पुलिस के अनुसार बड़लियास थाना सर्किल के रेणवास निवासी रविना बलाई फर्स्ट ईयर की छात्रा थी और शहर के गर्ल्स हॉस्टल में रहकर पढ़ाई कर रही थी। शुक्रवार देर रात उसे अचानक पेट दर्द की शिकायत हुई। सहेलियों ने हॉस्टल वार्डन को सूचना दी, जिसके बाद अरिहंत हॉस्पिटल से एंबुलेंस बुलाकर शनिवार सुबह करीब 4 से 4:30 बजे उसे अस्पताल लाया गया और भर्ती किया गया।
सूचना मिलने पर परिजन भी अस्पताल पहुंच गए। परिजनों का कहना है कि भर्ती के समय छात्रा की स्थिति सामान्य थी और वह बातचीत कर रही थी। आरोप है कि कुछ ही देर बाद उसकी तबीयत बिगड़ने लगी, जिसके बाद उसे आईसीयू में शिफ्ट किया गया। दोपहर करीब दो बजे छात्रा ने दम तोड़ दिया।
छात्रा की मौत की खबर मिलते ही परिजनों का गुस्सा फूट पड़ा और अस्पताल परिसर में हंगामा शुरू हो गया। समाज के लोग भी मौके पर पहुंच गए और इलाज में लापरवाही का आरोप लगाते हुए धरने पर बैठ गए। प्रदर्शनकारियों ने मुआवजे की मांग की और दोषियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग उठाई।
स्थिति बिगड़ती देख अस्पताल प्रशासन ने पुलिस को सूचना दी। डीएसपी सिटी सज्जन सिंह के नेतृत्व में कोतवाली, प्रताप नगर, भीमगंज और गांधीनगर थाना पुलिस मौके पर पहुंची और समझाइश का प्रयास किया। हालांकि देर रात तक प्रशासन और प्रदर्शनकारियों के बीच सहमति नहीं बन पाई और प्रदर्शन जारी रहा।
उधर, डीएसपी सिंह ने कहा कि
परिजन इलाज में लापरवाही का आरोप लगा रहे हैं। ऐसे में शव का मेडिकल बोर्ड से पोस्टमार्टम करवाया जायेगा। साथ ही परिजन जैसी रिपोर्ट देंगे, उस पर कार्रवाई की जायेगी
