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निंबाहेड़ा: दशहरे मेले की आड़ में लाखों की ‘बंदरबांट’, नगर परिषद के कारनामे से हतप्रद है जनता!

निंबाहेड़ा नगर परिषद में ‘दशहरा लूट’: 5.80 लाख का काम और भुगतान कर दिया 17 लाख! राजकोष में सेंधमारी का बड़ा खुलासा

स्मार्ट हलचल | निंबाहेड़ा | 20 दिसंबर, 2025


निंबाहेड़ा। जब से निंबाहेड़ा नगर पालिका नगर परिषद में क्रमोन्नत हुई है, तब से वित्तीय लेनदेन में धांधलियां एवं टेंडर प्रक्रिया में अनियमितताएं इसकी नई पहचान बन चुकी हैं। ताजा मामला राष्ट्रीय दशहरे मेले में फोटोग्राफी और वीडियोग्राफी के टेंडर से जुड़ा है, जहाँ नगर परिषद प्रशासन ने नियमों को ताक पर रखकर चहेते संवेदक को कार्यादेश राशि से 325% अधिक का भुगतान कर राजकोष को लाखों रुपये का चूना लगाया है।

71% कम दर पर टेंडर, फिर मेहरबान हुए अधिकारी

पूर्व नगर पालिका अध्यक्ष सुभाषचंद्र शारदा ने बताया कि नगर परिषद द्वारा राष्ट्रीय दशहरा मेले में फोटोग्राफी, वीडियोग्राफी एवं ड्रोन शूटिंग के लिए 20 लाख रुपये की लागत का टेंडर आमंत्रित किया गया था। इसमें ‘राजनंदिनी स्टूडियो’ की दर 71% कम प्राप्त हुई, जिसके आधार पर उसे 5.80 लाख रुपये का कार्यादेश जारी किया गया।

शारदा ने खुलासा किया कि दशहरे के पश्चात जब अनियमिताओं की जानकारी मिली, तो हमने नगर परिषद आयुक्त एवं प्रशासक को भुगतान रोकने के लिए पत्र लिखा था। लेकिन प्रशासन ने उन शिकायतों को अनसुना करते हुए आनन-फानन में भुगतान कर दिया। जिस कार्य की राशि 5.80 लाख होनी थी, उसे लगभग 325% बढ़ाकर 17 लाख रुपये से अधिक का भुगतान किया गया, जो राजकोष को सीधी हानि है।

📊 घोटाले का हिसाब-किताब:

टेंडर की निर्धारित लागत ₹20,00,000
कार्यादेश (L1 दर पर) ₹5,80,000
वास्तविक भुगतान ₹17,00,000+

“भाजपा के एजेंट की तरह कार्य कर रहे अधिकारी”

नगर कांग्रेस अध्यक्ष बंशीलाल राईवाल ने गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि स्थानीय प्रशासन भारतीय जनता पार्टी के नेताओं से मिलीभगत करके राजकोष को नुकसान पहुँचा रहा है। उन्होंने कहा कि शिकायतें प्रधानमंत्री, गृहमंत्री और मुख्यमंत्री तक पहुंचाई गईं, लेकिन कार्रवाई न होना यह दर्शाता है कि भ्रष्टाचार का हिस्सा उच्चतम स्तर तक पहुँच रहा है।

2028 में होगी रिकवरी: परवेज अहमद

पूर्व नगर पालिका उपाध्यक्ष परवेज अहमद शिब्बी ने कहा कि विधायक श्रीचंद कृपलानी के संरक्षण में फल-फूल रहा यह अनैतिक गठजोड़ जनता की जेब भर रहा है। उन्होंने चेतावनी दी कि 2028 में सत्ता परिवर्तन होने पर इन सभी मामलों की जांच होगी और अधिकारियों से इस पैसे की रिकवरी सुनिश्चित की जाएगी।

“हमारे पास नगर परिषद की वित्तीय अनियमिताओं की एक बड़ी सूची है, जिसे हम जल्द ही जनता के सामने लाएंगे। अब देखना यह है कि क्या मुख्यमंत्री इस ‘फटा ढोल’ भ्रष्टाचार पर कोई कार्रवाई करते हैं या नहीं।” – सुभाषचंद्र शारदा

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