नगर परिषद निम्बाहेड़ा घोटाला: फर्जीवाड़ा और भ्रष्टाचार; जांच कमेटी पर उठे सवाल

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नगर परिषद निम्बाहेड़ा घोटाला: फर्जीवाड़ा और भ्रष्टाचार; जांच कमेटी पर उठे सवाल

निम्बाहेड़ा। नगर परिषद निम्बाहेड़ा में चल रहे करोड़ों के टेंडर घोटालों में फंसी आयुक्त कौशल खटुमरा और जीकेएम कंस्ट्रक्शन कंपनी। मुख्यमंत्री तक शिकायतें पहुँचने के बाद बनी जांच कमेटी पर अब सवाल खड़े हो रहे हैं।

चहेती कंपनियों को करोड़ों के टेंडर

नगर परिषद में पिछले कुछ समय से चल रहे कार्यों और टेंडरों में भारी फर्जीवाड़े और भ्रष्टाचार के आरोप हैं। आर.सी. जैन सहित कई जागरूक नागरिकों ने आरोप लगाए हैं कि आयुक्त कौशल खटुमरा ने चहेती फर्म **जीकेएम कंस्ट्रक्शन कंपनी** को ‘एकल निविदा’ (Single Tender) के जरिए करोड़ों रुपये के टेंडर दिए। यह प्रक्रिया नियमानुसार अनुचित है और इससे राजकोष को भारी नुकसान हुआ है।

जांच कमेटी का गठन और शंका

मामले की गंभीरता को देखते हुए उच्च अधिकारियों के निर्देश पर एक तीन सदस्यीय जांच कमेटी का गठन किया गया है। इसके आदेश 23 मार्च को जारी हुए थे, जिसे 7 दिन में जांच पूरी करने को कहा गया था। इस कमेटी में शामिल हैं:

  • **अध्यक्ष:** दुर्गेश रावल (आयुक्त, नगर परिषद बांसवाड़ा)
  • **सदस्य:** संदीप भावसार (कनिष्ठ अभियंता, नगर पालिका छोटी सादड़ी)
  • **सदस्य:** गोविंद पाटीदार (सहायक लेखाधिकारी द्वितीय, नगर परिषद बांसवाड़ा)

लेकिन 7 दिन बीत जाने के बाद भी जांच प्रक्रिया में कोई ठोस प्रगति न होने से पारदर्शिता पर सवालिया निशान खड़े हो रहे हैं। शिकायतकर्ताओं ने आशंका जताई है कि कहीं इस पूरे मामले को ‘फाइल’ में ही रफा-दफा करने की तैयारी तो नहीं की जा रही है।

खबर लिखे जाने तक जांच कमेटी के किसी भी सदस्य तक आधिकारिक पत्र नहीं पहुँचने की जानकारी मिली है, जिससे जांच प्रक्रिया की सुस्ती स्पष्ट हो जाती है। अब देखना होगा कि उच्च अधिकारी इस पर क्या कार्रवाई करते हैं।