सुस्ती पर सवालों के बीच हरकत में आया भीलवाड़ा नगर निगम प्रशासन
भीलवाड़ा|स्मार्ट हलचल|नगर निगम में 9 दिन तक प्रशासक की नाम पट्टिका नहीं लगने का मामला उजागर होते ही प्रशासन की नींद टूट गई। खबर सामने आने के बाद प्रशासक जसमीत सिंह सन्धु के नाम की पट्टिका आनन-फानन में लगा दी गई।एक साधारण प्रशासनिक कार्य में 9 दिन की देरी ने निगम की कार्यशैली पर सवाल खड़े कर दिए थे। अब पट्टिका लगने से यह साफ है कि सवालों का असर हुआ, लेकिन सुस्ती पर उठे प्रश्न अभी भी कायम हैं।
निगम प्रशासन की सुस्ती पर खबर का असर
9 दिन बाद लगी प्रशासक जसमीत सिंह सन्धु की नाम पट्टिका, पारदर्शिता पर उठे सवालों के बीच हरकत में आया निगम
भीलवाड़ा। शहर की सरकार कही जाने वाली भीलवाड़ा नगर निगम में प्रशासक की नाम पट्टिका को लेकर उठे सवालों का आखिरकार असर दिखाई दिया। खबर प्रकाशित होने के बाद निगम प्रशासन हरकत में आया और प्रशासक जसमीत सिंह सन्धु के नाम की पट्टिका मुख्य द्वार एवं कार्यालय कक्ष के बाहर लगा दी गई।
गौरतलब है कि महापौर पद से हटाए जाने के बाद निगम में प्रशासक की नियुक्ति तो कर दी गई थी, लेकिन 9 दिन तक नाम पट्टिका नहीं लगने से प्रशासनिक कार्यप्रणाली पर सवाल खड़े हो रहे थे। आमजन में यह चर्चा थी कि जब एक साधारण नाम पट्टी लगाने में इतनी देरी हो रही है, तो शहर के विकास कार्यों की गति का अंदाजा सहज लगाया जा सकता है।
खबर के प्रकाशन के बाद निगम प्रशासन ने तत्परता दिखाते हुए प्रशासक जसमीत सिंह सन्धु की नाम पट्टिका लगवा दी। निगम कार्यालय आने वाले नागरिकों को अब यह स्पष्ट हो गया है कि वर्तमान में जिम्मेदारी किसके पास है।
हालांकि यह मामला भले ही छोटा प्रतीत हो, लेकिन प्रशासनिक पारदर्शिता और जवाबदेही की दृष्टि से इसे महत्वपूर्ण माना जा रहा है। शहर में पहले से ही सफाई, सड़कों की मरम्मत और प्रकाश व्यवस्था जैसे मुद्दों को लेकर शिकायतें सामने आती रही हैं। ऐसे में नाम पट्टिका का समय पर नहीं लगना भी व्यवस्था पर प्रश्नचिह्न खड़ा कर रहा था।
अब उम्मीद की जा रही है कि निगम प्रशासन केवल प्रतीकात्मक नहीं, बल्कि जमीनी स्तर पर भी तेजी दिखाएगा और शहरवासियों को बेहतर व पारदर्शी व्यवस्था प्रदान करेगा।










