सामान्य रिपोर्ट आने के बाद भी बुजुर्गों में दिख सकते हैं ब्रेन और नसों से जुड़ी समस्याओं के संकेत
नई दिल्ली, स्मार्ट हलचल।विटामिन B12 को लंबे समय से शरीर और दिमाग के लिए बेहद जरूरी पोषक तत्व माना जाता रहा है। डॉक्टर आमतौर पर ब्लड टेस्ट के जरिए यह जांचते हैं कि शरीर में इसकी मात्रा सामान्य है या नहीं। यदि रिपोर्ट तय सीमा के भीतर आती है तो व्यक्ति को पूरी तरह स्वस्थ माना जाता है। लेकिन अब एक नई रिसर्च ने इस धारणा पर सवाल खड़े कर दिए हैं। वैज्ञानिकों का कहना है कि कई बुजुर्गों में Vitamin B12 का स्तर सामान्य होने के बावजूद दिमाग और नसों से जुड़ी समस्याएं शुरू हो सकती हैं।
हाल ही में प्रकाशित एक मेडिकल रिसर्च के अनुसार, सामान्य B12 लेवल हमेशा यह सुनिश्चित नहीं करता कि दिमाग और नर्वस सिस्टम पूरी तरह सुरक्षित हैं। रिसर्च में पाया गया कि कुछ लोगों में “एक्टिव B12” की कमी होने पर ब्रेन फंक्शन प्रभावित होने लगता है, जबकि उनकी सामान्य रिपोर्ट पूरी तरह ठीक दिखाई देती है।
क्यों जरूरी है Vitamin B12?
Vitamin B12 शरीर में रेड ब्लड सेल्स बनाने, नसों को स्वस्थ रखने और DNA निर्माण में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है। इसकी कमी से एनीमिया, कमजोरी, हाथ-पैरों में झनझनाहट, याददाश्त कमजोर होना और संतुलन बिगड़ने जैसी समस्याएं हो सकती हैं।
अब तक चिकित्सा विशेषज्ञ मुख्य रूप से गंभीर कमी वाले मामलों पर ध्यान देते रहे हैं, लेकिन नई रिसर्च के मुताबिक दिमाग और नसों पर असर इसकी शुरुआती अवस्था में ही शुरू हो सकता है।
रिसर्च में क्या सामने आया?
यह अध्ययन कैलिफोर्निया यूनिवर्सिटी के वैज्ञानिकों द्वारा किया गया। रिसर्च टीम ने करीब 71 वर्ष औसत आयु वाले 231 स्वस्थ बुजुर्गों पर अध्ययन किया। इनमें किसी को डिमेंशिया या मानसिक कमजोरी की समस्या नहीं थी।
वैज्ञानिकों ने केवल कुल Vitamin B12 लेवल ही नहीं, बल्कि “एक्टिव B12” की भी जांच की। एक्टिव B12 वही रूप है, जिसे शरीर वास्तव में उपयोग कर पाता है।
रिपोर्ट में सामने आया कि अधिकांश लोगों का B12 स्तर मेडिकल मानकों के अनुसार सामान्य था, लेकिन जिन लोगों में एक्टिव B12 कम था, उनमें सोचने की गति और विजुअल प्रोसेसिंग धीमी पाई गई। साथ ही उनके दिमाग की नसों की प्रतिक्रिया भी कमजोर दिखाई दी।
ब्रेन स्कैन में दिखे गंभीर संकेत
रिसर्च के दौरान वैज्ञानिकों ने ब्रेन स्कैन में यह भी पाया कि जिन लोगों में एक्टिव B12 कम था, उनके दिमाग में “व्हाइट मैटर लीजन” अधिक दिखाई दिए। व्हाइट मैटर दिमाग के विभिन्न हिस्सों के बीच संदेश पहुंचाने का कार्य करता है।
विशेषज्ञों के अनुसार, व्हाइट मैटर को नुकसान पहुंचने का संबंध स्ट्रोक, डिमेंशिया और मानसिक गिरावट जैसी समस्याओं से जुड़ा माना जाता है। न्यूरोलॉजी विशेषज्ञों का कहना है कि मौजूदा मेडिकल मानक शुरुआती ब्रेन और न्यूरोलॉजिकल समस्याओं को पूरी तरह पकड़ने में सक्षम नहीं हैं।
उम्र बढ़ने के साथ बढ़ सकता है खतरा
वैज्ञानिकों के अनुसार उम्र बढ़ने के साथ शरीर में Vitamin B12 को अवशोषित करने की क्षमता कम होने लगती है। इसके अलावा कुछ दवाइयां, पाचन संबंधी समस्याएं और पूरी तरह शाकाहारी भोजन भी B12 की कमी का जोखिम बढ़ा सकते हैं।
हालांकि रिसर्चर्स ने स्पष्ट किया है कि यह अध्ययन सीधे तौर पर यह साबित नहीं करता कि कम एक्टिव B12 ही मानसिक गिरावट का कारण है, लेकिन यह जरूर संकेत देता है कि सामान्य रिपोर्ट आने के बावजूद दिमाग में बदलाव शुरू हो सकते हैं।
किन लक्षणों को नजरअंदाज नहीं करना चाहिए?
विशेषज्ञों के अनुसार यदि किसी व्यक्ति में बार-बार थकान, भूलने की समस्या, हाथ-पैर सुन्न होना, चक्कर आना, संतुलन बिगड़ना या मानसिक कमजोरी जैसे लक्षण दिखाई दें, तो केवल सामान्य B12 रिपोर्ट पर निर्भर नहीं रहना चाहिए। जरूरत पड़ने पर एक्टिव B12 और अन्य न्यूरोलॉजिकल जांच भी करानी चाहिए।
