एजाज़ अहमद उस्मानी
मेड़ता रोड| स्मार्ट हलचल|महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी योजना (नरेगा) को कमजोर किए जाने के आरोपों के बीच कांग्रेस पार्टी द्वारा मंगलवार को मेड़ता रोड में नरेगा बचाओ अभियान के तहत एक महत्वपूर्ण बैठक का आयोजन नायक समाज भवन में किया गया। बैठक में नरेगा योजना में हो रही कथित बजट कटौती, मजदूरी भुगतान में देरी, काम के दिनों में कमी और श्रमिकों के अधिकारों पर हो रहे हमलों को लेकर गहन चर्चा की गई।
बैठक में कांग्रेस के नागौर जिला अध्यक्ष हनुमान राम बांगड़, मेड़ता के पूर्व विधायक रामचंद्र जारोड़ा,युवा कांग्रेस उपाध्यक्ष आमिर खान, हाजी हनीफ मोहम्मद, अहमद अली, वसीम, पीर मोहम्मद, फारूक, जमील, अहमद मुनीर अहमद, सलीम अहमद, रामराज कापड़ी, रविंद्र श्रवण, भंवर लाल गुर्जर, तथा समीउल्लाह सहित पार्टी के वरिष्ठ नेता, ब्लॉक अध्यक्ष, पदाधिकारी, जनप्रतिनिधि एवं बड़ी संख्या में कार्यकर्ता मौजूद रहे। सभी वक्ताओं ने एक सुर में केंद्र सरकार पर नरेगा जैसी जनकल्याणकारी योजना को कमजोर करने का आरोप लगाया।
बैठक को संबोधित करते हुए वक्ताओं ने कहा कि नरेगा ग्रामीण गरीबों, बेरोजगारों और मजदूर वर्ग के लिए जीवनरेखा साबित हुई है। इस योजना ने करोड़ों परिवारों को रोजगार देकर पलायन रोकने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है, लेकिन वर्तमान सरकार की नीतियों के चलते नरेगा का मूल उद्देश्य प्रभावित हो रहा है।
कांग्रेस नेताओं ने आरोप लगाया कि केंद्र सरकार द्वारा नरेगा के बजट में लगातार कटौती की जा रही है, जिससे गांवों में रोजगार के अवसर घट रहे हैं। समय पर मजदूरी का भुगतान नहीं होने से श्रमिकों को आर्थिक संकट का सामना करना पड़ रहा है। उन्होंने कहा कि जानबूझकर योजना को कमजोर किया जा रहा है ताकि गरीब और मजदूर वर्ग की आवाज को दबाया जा सके।
नागौर जिला कांग्रेस अध्यक्ष ने अपने संबोधन में कहा कि कांग्रेस पार्टी नरेगा को बचाने के लिए सड़क से संसद तक संघर्ष करेगी। उन्होंने कार्यकर्ताओं से आह्वान किया कि वे गांव-गांव जाकर नरेगा के तहत मिलने वाले अधिकारों की जानकारी आमजन तक पहुंचाएं और सरकार की जनविरोधी नीतियों के खिलाफ जनजागरूकता फैलाएं।
बैठक में भविष्य की रणनीति पर भी विस्तार से चर्चा की गई। तय किया गया कि नरेगा बचाओ अभियान के तहत आगामी दिनों में जनसभाएं, धरना-प्रदर्शन, ज्ञापन सौंपने और आंदोलनात्मक कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे, ताकि केंद्र सरकार पर दबाव बनाया जा सके।
इस दौरान कांग्रेस नेताओं ने मनरेगा का नाम बदलकर “जीरामजी” किए जाने के कथित प्रयासों पर भी कड़ा विरोध जताया। नेताओं ने कहा कि महात्मा गांधी के नाम से जुड़ी इस योजना की पहचान को मिटाने का प्रयास किया जा रहा है, जिसे कांग्रेस किसी भी सूरत में स्वीकार नहीं करेगी।
बैठक के अंत में सभी नेताओं और कार्यकर्ताओं ने एकजुट होकर नरेगा योजना को मजबूत बनाए रखने, मजदूरों के हितों की रक्षा करने और आने वाले चुनावों में भाजपा को सत्ता से बाहर कर कांग्रेस की सरकार बनाने का संकल्प लिया।













