Homeराजस्थानकोटा-बूंदीअलविदा जुमा की नमाज़ अदा की

अलविदा जुमा की नमाज़ अदा की

अलविदा जुमा की नमाज़ अदा की

बून्दी। स्मार्ट हलचल/रमजान के पवित्र महीने के आखिरी जुमे पर शहर की सभी मस्जिदों में बड़ी तादात में मुस्लिम समाज के लोगों ने अलविदा जुमा नमाज़ अदा की। मुफ्ती नदीम अख़्तर सकाफी ने बूंदी ने मीरा गेट स्थित मस्जिद मोमिन आरीफ साहब की बगीची मे नमाज ए जुम्मा अदा कराई और मुल्क में अमन चैन और भाईचारे की दुआ मांगी। इसके अलावा शहर के मदीना मस्जिद, दमदमा मस्जिद, ब्रह्मपुरी स्थित छोटी मस्जिद, बड़ी मस्जिद, मदीना मस्जिद, नगीना मस्जिद, नूरानी मस्जिद व अन्य सभी मस्जिदों में नमाज़ अदा की गई। मुस्लिम समाज के लोग 12 बजे से ही मस्जिदों में पहुंचना शुरू हो गए थे। इमामों ने जुमातुल अलविदा का खुत्बा पड़ा जिससे उपस्थित नमाजियों की आखों से अश्क जारी हो गए रमज़ान माह के मुबारक व पाक महीने का सफर जारी है, मुस्लिम समाज के लोग रोजा नमाज मैं मशगूल है रात ओर दिन खुदा की इबादत मैं लगे हुए हैं कि किसी तरह रब हमसे राजी हो जाये इस महीने में मुस्लिम समाज के सभी आयु वर्ग के लोग दिन मैं रोजा रखते हैं और पांच वक्त की नमाज के साथ रात को तरावीह की नमाज के बाद मुल्क में अमन चैन भाई चारे के लिए दुआ मांगी गई। राजस्थान क़ाज़ी कौंसिल के संरक्षक पीरज़ादा अब्दुल शकूर क़ादरी ने कहा है कि रमजान का महीना सब्र का महीना होता है इसमें रोजे रखना कोई भूखा रहना नहीं है। आप जब रोजा रखोगे तो आपको एहसास होगा कि जिनके पास खाने को नहीं है वो कैसे भूखे प्यासे रहकर भी अल्लाह की बंदगी करते हैं। हमारे पास अल्लाह की दी हुई सब नेमते होती है फिर भी हम अल्लाह के लिए उन सब को एक तरफ़ रख सब्र करते हैं और अल्लाह की बंदगी मैं अपना ध्यान लगाते हैं। रमज़ान का दूसरा नाम ही सब्र है रोजा अल्लाह की इबादत का एक तरीका है हमें इस महीने में अल्लाह की ज्यादा से ज्यादा इबादत करना चाहिए व गरीबो यतीमो बेसहारो की मदद करना चाहिये शहर काजी मौलाना गुलाम गोस ने जकात के बारे मैं बताया कि हमे जरूरत मंदो की मदद करने चाहिये ताकि वह भी आपके त्योहारों में शामिल हो सके जिला वक्फ कमेटी सचिव मौलाना असलम ने बताया रमजान साल का एक पवित्र महीना होता है मुस्लिम समाज रमजान माह का बेसब्री से इंतजार करता है ये रहमतों सब्र प्रेम और भाई चारे के साथ साथ अल्लाह की इबादत का महीना होता है जिसमें मुस्लिम समाज के लोग पूरे महीने रोजा रखते हैं रमजान शुरू होते हैं तो हर रोजेदार की दिनचर्या बदल जाती है सवेरे उठना ओर अल्लाह को याद करने के साथ ही पांचो वक्त की नमाज रोजेदार को अल्लाह की इबादत का मौका दिलाती हैं रमज़ान का महीना अल्लाह की इबादत का महीना है ये महीना मुस्लिम समाज के लोगो के लिए खास होता है।

मुफ़्ती नदीम अख्तर ने किया ईदगाह का निरीक्षण

शहर काजी बूंदी मुफ्ती नदीम अख्तर ने बड़ी ईदगाह मीरा का बाग का शुक्रवार को निरीक्षण किया और नमाज ईद की तैयारी का जायजा लिया।
इस दौरान मिल्लत कमेटी के सदर इब्राहिम बरकाती, नगर परिषद के उपसभापति लटूर भाई, नायब शहर काजी मौलाना नूर मोहम्मद, जिला वक़्फ़ बोर्ड के वाइस चेयरमैन हारुन खान, मौलाना टेलर, मीरा गेट मस्जिद के इमाम इकराम उल हक, मीरा गेट मस्जिद के सदर जफर बक्श, सदस्य सैफ अली खान, आमीन भाई आदि लोग साथ रहे।

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