मुकेश खटीक
मंगरोप।उपखंड क्षेत्र में हाल ही में हुई तेज आंधी, बारिश और ओलावृष्टि ने किसानों की मेहनत पर पानी फेर दिया है। प्राकृतिक आपदा से सरसों, गेहूं, चना सहित कई फसलें बुरी तरह नष्ट हो गईं, जिससे किसानों की आर्थिक स्थिति गंभीर संकट में पहुंच गई है। नुकसान से आक्रोशित किसानों ने शुक्रवार को एकजुट होकर तहसील कार्यालय पहुंचकर तहसीलदार भंवर लाल सेन को ज्ञापन सौंपा।ज्ञापन में किसानों ने बताया कि अचानक बदले मौसम ने खड़ी फसलों को चौपट कर दिया है।खेतों में तैयार फसलें गिर गईं, दाने झड़ गए और कई स्थानों पर पूरी पैदावार नष्ट हो गई। इससे कर्ज के बोझ तले दबे किसानों के सामने रोजी-रोटी का संकट खड़ा हो गया है।किसानों ने प्रशासन से मांग की कि प्रभावित गांवों और खेतों का शीघ्र गिरदावरी सर्वे कराया जाए, ताकि वास्तविक नुकसान का सही आकलन हो सके और पीड़ित किसानों को उचित मुआवजा मिल सके। उन्होंने यह भी कहा कि राहत में देरी से हालात और बिगड़ेंगे।किसानों ने चेतावनी दी कि यदि समय रहते सर्वे कर मुआवजा नहीं दिया गया,तो वे उग्र आंदोलन करने को मजबूर होंगे।इस दौरान हमीरगढ़ सहित आसपास के क्षेत्रों से बड़ी संख्या में किसान मौजूद रहे।प्रशासन से तत्काल राहत और संवेदनशील कार्रवाई की मांग करते हुए किसानों ने अपनी पीड़ा खुलकर रखी।
ओलावृष्टि–आंधी–बारिश ने तोड़ी किसानों की कमर,हमीरगढ़ में मुआवजे की मांग को लेकर तहसीलदार को सोपा ज्ञापन
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