एक बुरी आदत जीवन को वैसे ही बर्बाद करती है जैसे एक गंदी मछली पूरे तालाब को गंदा कर देती है: प्रतिभा श्रीजी

ओम जैन

शंभूपुरा। स्मार्ट हलचल|सेन्थी स्थित शांति भवन मे पर्यूषण पर्व के चतुर्थ दिवस पर सर्वप्रथम श्री प्रेरणा श्री जी म. सा. ने अन्तःगढ़ सूत्र का वाचन किया।
प्रवचन मे जेन सिद्धात्ताचार्य श्री प्रतिभा श्री जी म. सा. ने फरमाया कि एक बुरी आदत जीवन को वैसे ही बर्बाद करती है जैसे एक गंदी मछली पूरे तालाब को गंदा कर देती है। हमारी आदते ही हमारा चरित्र बनाती है। किसी आदत को जीवन मे डालना खेत मे बीज बोने के समान है। एक बुरी आदत हमारे आसपास के वातावरण को खराब करती है। हम सुधरेगे युग सुधरेगा। बुरी आदतो को सुधारने के लिए त्याग परित्याग व संयम की आवश्यकता है।
उन्होंने बताया नशा करने वाले दो तरह के होते है एक जो गम मे नशा करते है दूसरे वो जो खुशी मे नशा करते है। नशा माडर्न लाइफ का एक फैशन बनता जा रहा है। दुनिया मे पानी मे डूबकर कम लोग मरते है किन्तु शराब के नशे मे डूबकर अधिक व्यक्ति डूबते है। जिस देश मे कभी दूध की नदियां बहती थी एवं विश्वगुरु के रूप मे विख्यात था वहाँ की दुर्दशा आज विचारणीय हो गई है। दुर्भाग्य है कि कुछ गांवो मे आज चाय व रोटी के ढाबे नही है परन्तु शराबखाना अवश्य मिल जाएंगे। आज साधु साध्वी जी विहार करते हुए गांव मे जाते है वहाँ बोर्ड पर लिखा रहता है भावों मे भारी कमी। अर्थात् यह नशीले पदार्थो की ओर अग्रसर करने का एक तरीका है।
उन्होंने कहा आज समाज मे हमे यह विचार करना होगा कि आज की पीढ़ी नशा युक्त क्यों हो रही है। उसका महज कारण धर्म को न जानना व न मानना है। अतः धर्म को जानो व तद्नुसार क्रिया करो।
दूसरी ओर परम पूज्या महासाध्वी जैन सिद्धान्ताचार्य तपस्वी रत्ना श्री प्रतिभा श्री जी महाराज साहब आदि ठाणा के सानिध्य में प्रयुषण पर्व के अवसर पर सादी ग्राम से नीमड़ी वाले सगस जी महाराज एवम श्री नाकोड़ा भैरव धाम के पुजारी, तपस्वी रत्न श्री धनराज जी शर्मा के 39 दिवसीय साधना के तहत शुक्रवार को 9 उपवास के पछखान हुए। इस पर श्रीसंघ सेन्थी द्वारा स्वागत अभिनन्दन किया गया, जिसमे बड़ी संख्या में समाजजनों की उपस्थिति रही।