खखरेरू /स्मार्ट हलचल।फतेहपुर थाना क्षेत्र में मोरंग के ओवरलोड वाहनों का संचालन लगातार बढ़ता जा रहा है। क्षेत्रवासियों का आरोप है कि ओवरलोड परिवहन पर प्रतिबंध के बावजूद सड़कों पर भारी संख्या में ओवरलोड ट्रैक्टर और डंपर दौड़ रहे हैं, जिससे आए दिन दुर्घटनाओं की आशंका बनी रहती है।ग्रामीणों के अनुसार सुबह से शाम तक मोरंग लदे ओवरलोड ट्रैक्टरों की लंबी कतारें देखी जा सकती हैं। इन वाहनों के जरिए मोरंग का परिवहन कौशांबी, प्रतापगढ़ समेत अन्य जनपदों तक किया जाता है।
रक्षपालपुर से बिछियावां मार्ग पर ओवरलोड वाहनों का दबाव लगातार बढ़ रहा है, जिससे सड़क सुरक्षा पर गंभीर सवाल खड़े हो रहे हैं।
रक्षपालपुर और बिछियावां के बीच आधा दर्जन से अधिक प्राथमिक विद्यालय और इंटर कॉलेज स्थित हैं। प्रतिदिन हजारों छात्र-छात्राएं इसी मार्ग से विद्यालय आते-जाते हैं। स्थानीय लोगों का कहना है कि कई वाहन बिना नंबर प्लेट के तेज रफ्तार से गुजरते हैं, जिससे बच्चों और राहगीरों की सुरक्षा खतरे में पड़ जाती है।
क्षेत्रीय लोगों ने बताया कि पिछले कुछ समय में ओवरलोड वाहनों से जुड़े कई हादसे हो चुके हैं।
दरियामऊ गांव का एक मासूम ओवरलोड वाहन की चपेट में आने के बाद गंभीर रूप से घायल होकर स्थायी रूप से दिव्यांग हो गया। वहीं रक्षपालपुर के पास एक ओवरलोड डंपर की टक्कर से बाइक सवार युवक घायल हो गए थे। इसके अलावा अप्रैल माह में आलमपुर गेरिया चौराहे के पास बाजार से लौट रहे बाइक सवार युवक तथा एक पैदल राहगीर को मोरंग लादने जा रहे तेज रफ्तार ट्रैक्टर ने टक्कर मार दी थी, जिससे दोनों गंभीर रूप से घायल हो गए थे।
ग्रामीणों का आरोप है कि लगातार हो रहे हादसों के बावजूद संबंधित विभाग और स्थानीय प्रशासन प्रभावी कार्रवाई नहीं कर रहे हैं। लोगों का कहना है कि ओवरलोड वाहनों के खिलाफ निगरानी और कार्रवाई के लिए पूर्व में एंटी टास्क फोर्स का गठन किया गया था, लेकिन वर्तमान में उसका असर कहीं दिखाई नहीं दे रहा है।
क्षेत्रवासियों ने प्रशासन से ओवरलोड वाहनों के संचालन पर तत्काल रोक लगाने, नियमित जांच अभियान चलाने तथा दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की है, ताकि भविष्य में होने वाली संभावित दुर्घटनाओं को रोका जा सके।
इस संबंध में उप जिलाधिकारी खागा अभिनीत कुमार ने बताया कि ओवरलोड वाहनों के खिलाफ जल्द ही कड़ी कार्रवाई की जाएगी।
