स्वामी हितेश्वरानंद सरस्वती ने किया हुरा बा गौशाला का अवलोकन, गौसेवा को बताया चलता-फिरता तीर्थ

बन्शीलाल धाकड़

छोटीसादड़ी। स्मार्ट हलचल|शुक्रवार को स्वामी हितेश्वरानंद सरस्वती राष्ट्रीय संरक्षक विप्र फाउंडेशन चावंड ने हुरा बा गौशाला का अवलोकन किया। हुर्रा बा गौशाला की उत्तम गौसेवा के बारे में सोशल मीडिया व समाचार पत्रों आदि के माध्यम से जानकारी पाकर स्वामी हितेश्वरानंद महाराज को स्थानीय गौशाला अवलोकन की प्रबल इच्छा थी वह शुक्रवार को पूरी हुई। स्वामी हितेश्वरानंद ने हुरा बा के जीवन को धन्य बताते हुए कहा कि गौमाता चलता फिरता तीर्थ स्थान है इसमें 33 कोटि देवताओं का वास है। घोर आर्थिक युग में गौमाता को दूध दुह कर निराश्रित छोड़ देने पापी लोगों की वजह से वर्तमान में गौवंश दुर्दशा का शिकार है।इसकी सेवा से हम अपना वर्तमान व भविष्य दोनों सुधार सकते हैं। हमें गौवंश को सुरक्षित व संरक्षित करने हेतु गाय को राष्ट्रमाता का दर्जा दिलाना होगा इस हेतु आगामी 27 अप्रैल को राष्ट्रीय स्तर पर भव्य आयोजन की तैयारियां की जा रही हैं।गौशाला संस्थान के लक्ष्मी नारायण रैगर, नारायण जनवा, चंद्रकांत शर्मा,ओमप्रकाश जनवा ने गौशाला में आगमन पर स्वामी हितेश्वरानंद सरस्वती को पुष्प माला पहनाकर, मेवाड़ी मेवाड़ी पाग धारण करवा कर स्वागत अभिनंदन किया। गौसेवा संस्थान के 12 वर्षों के विकास की जानकारी ओमप्रकाश जनवा ने दी।कार्यक्रम में चिराग मेवाड़ा, नरेश व्यास, दिनेश चौबीसा, पूरण मीणा,ताराचंद रैगर, लीला रैगर, जमना दास वैरागी, प्रवीण जनवा सहित अनेक गौसेवक उपस्थित रहे।
विप्र फाउंडेशन के राष्ट्रीय संरक्षक ने सराही हुरा बा गौशाला की व्यवस्थाएं, बोले- ‘गाय को मिले राष्ट्रमाता का दर्जा’।