भीलवाड़ा जिले में पंच-सरपंच चुनाव में 81.22 प्रतिशत मतदान, गांवों में लोकतंत्र का उत्सव

नौ पंचायत समितियों की 326 ग्राम पंचायतों में सरपंच चुनने के लिए उमड़े मतदाता,

शाम 6 बजे तक चला मतदान; देर रात तक मतगणना से आएंगे गांवों की सरकार के नतीजे

भीलवाड़ा, 24 अक्टूबर।

स्मार्ट हलचल|पंचायतीराज आम चुनाव-2026 के प्रथम चरण के तहत शनिवार को भीलवाड़ा जिले की नौ पंचायत समितियों में सरपंच एवं वार्ड पंच पदों के लिए मतदान संपन्न हुआ। लोकतंत्र के इस महापर्व में ग्रामीण मतदाताओं ने उत्साह के साथ भाग लिया। सूचना एवं जनसंपर्क कार्यालय, भीलवाड़ा की ओर से जारी जानकारी के अनुसार, शाम 6 बजे तक जिले में 81.22 प्रतिशत मतदान दर्ज किया गया। मतदान के साथ ही गांवों में सरपंच पद के प्रत्याशियों की किस्मत मतपेटियों में बंद हो गई। अब सभी की निगाहें मतगणना और चुनाव परिणामों पर टिकी हैं।
जिले में सुबह 7 बजे से मतदान प्रक्रिया शुरू हुई। शुरुआती घंटों से ही कई मतदान केंद्रों पर मतदाताओं की आवाजाही देखने को मिली। ग्रामीण क्षेत्रों में महिला, पुरुष और युवा मतदाताओं ने अपने मताधिकार का प्रयोग कर गांव की सरकार चुनने में भागीदारी निभाई। मतदान केंद्रों पर चुनाव प्रक्रिया को सुचारू रूप से संपन्न कराने के लिए आवश्यक व्यवस्थाएं की गईं।
नौ पंचायत समितियों में हुआ मतदान
पंच-सरपंच चुनाव के प्रथम चरण में जिले की कोटड़ी, जहाजपुर, खजूरी, मांडलगढ़, बिजौलिया, मांडल, करेड़ा, सुवाणा और बनेड़ा पंचायत समितियों के अंतर्गत आने वाली ग्राम पंचायतों में मतदान कराया गया। इन क्षेत्रों में सरपंच और वार्ड पंच पदों के लिए उम्मीदवार चुनाव मैदान में थे।
जिले की ग्रामीण राजनीति के लिहाज से यह चुनाव काफी महत्वपूर्ण माना जा रहा है। ग्राम पंचायत स्तर पर होने वाले इन चुनावों में पेयजल, सड़क, नाली, सफाई, बिजली, सरकारी योजनाओं का लाभ, पेंशन, राशन और ग्रामीण विकास जैसे मुद्दे मतदाताओं की प्राथमिकता में रहे। कई ग्राम पंचायतों में मुकाबला रोचक बना हुआ है, जहां प्रत्याशियों ने मतदाताओं को अपने पक्ष में करने के लिए पूरा जोर लगाया।
81.22 प्रतिशत मतदान, प्रत्याशियों की धड़कनें तेज
शाम 6 बजे तक जारी मतदान के आंकड़ों के अनुसार, जिले में 81.22 प्रतिशत मतदान दर्ज किया गया। मतदान प्रतिशत सामने आने के बाद प्रत्याशियों और उनके समर्थकों की उत्सुकता बढ़ गई है। चुनाव मैदान में उतरे उम्मीदवार अपने-अपने गांवों में मतदान के रुझान और मतदाताओं के रुख का आकलन करने में जुटे रहे।
सरपंच पद का चुनाव ग्रामीण राजनीति में विशेष महत्व रखता है। गांव के विकास कार्यों से लेकर सरकारी योजनाओं के क्रियान्वयन तक सरपंच की भूमिका अहम होती है। ऐसे में मतदाताओं ने अपने क्षेत्र की जरूरतों और स्थानीय समीकरणों को ध्यान में रखते हुए मतदान किया।
बैलेट पेपर से हुआ मतदान, अब मतगणना पर नजर
पंच एवं सरपंच पदों के लिए मतदान बैलेट पेपर के माध्यम से कराया गया। मतदान समाप्त होने के बाद मतगणना की प्रक्रिया शुरू की गई। मतगणना ग्राम पंचायत मुख्यालयों पर निर्वाचन अधिकारियों की देखरेख में कराई जा रही है। बैलेट पेपर से मतगणना होने के कारण अलग-अलग ग्राम पंचायतों के परिणाम आने में समय लग सकता है। देर रात तक कई ग्राम पंचायतों के चुनाव परिणाम सामने आने की संभावना है।
परिणाम घोषित होने के साथ ही यह स्पष्ट हो जाएगा कि किन गांवों में मतदाताओं ने नए नेतृत्व पर भरोसा जताया और किन ग्राम पंचायतों में पुराने राजनीतिक समीकरण कायम रहे। चुनाव परिणामों को लेकर उम्मीदवारों के समर्थकों में खासा उत्साह बना हुआ है।

आज होगा उपसरपंच का चुनाव
पंच-सरपंच चुनाव की प्रक्रिया के अगले चरण में रविवार, 25 अक्टूबर को प्रथम चरण की संबंधित ग्राम पंचायतों में उपसरपंच पद के लिए चुनाव कराया जाएगा। इसके लिए निर्वाचित वार्ड पंच मतदान करेंगे। उपसरपंच के चुनाव के साथ ही ग्राम पंचायतों में नई पंचायत के गठन की प्रक्रिया आगे बढ़ेगी।
भीलवाड़ा जिले में पंचायत चुनाव का यह चरण ग्रामीण नेतृत्व के चयन के लिहाज से महत्वपूर्ण है। अब मतगणना के परिणाम तय करेंगे कि किस उम्मीदवार के सिर सरपंच का ताज सजेगा और किसे हार का सामना करना पड़ेगा। गांवों की सरकार को लेकर ग्रामीण क्षेत्रों में उत्सुकता बनी हुई है।