पंचायत की अनदेखी: रोपा की सड़कों पर कीचड़, रास्तों में बबूल की झाड़ियां; सावन में श्रद्धालुओं की राह भी मुश्किल

कोटड़ी चारभुजानाथ की पदयात्राएं लगातार गुजर रहीं, कीचड़ से होकर निकलने को मजबूर श्रद्धालु; ग्रामीण बोले- सफाई तक नहीं करा पा रही पंचायत

अलकेश पारीक

जहाजपुर।स्मार्ट हलचल|ग्राम पंचायत रोपा में बारिश के बीच साफ-सफाई और रास्तों के रखरखाव की अनदेखी अब आमजन के साथ श्रद्धालुओं के लिए भी परेशानी बन गई है। मुख्य सड़क सहित कस्बे के कई हिस्सों में कीचड़ और गंदगी पसरी हुई है, जबकि सड़क किनारे उगी कांटेदार बबूल की झाड़ियां रास्ते तक आ गई हैं। इससे राहगीरों और वाहन चालकों को संभलकर निकलना पड़ रहा है।

ग्रामीणों का आरोप है कि पंचायत प्रशासन की उदासीनता के कारण समय पर साफ-सफाई और झाड़ियों की कटाई नहीं हो रही है। बारिश के बाद मुख्य मार्ग पर जमा कीचड़ ने स्थिति और खराब कर दी है। कई स्थानों पर पैदल निकलना भी मुश्किल हो रहा है, जबकि दोपहिया वाहन चालकों के फिसलने का खतरा बना हुआ है।

सावन में पदयात्राएं, स्वागत में कीचड़ भरी राह

इन दिनों सावन माह के चलते कोटड़ी चारभुजानाथ की पदयात्राएं लगातार रोपा से होकर गुजर रही हैं। श्रद्धालु धार्मिक आस्था के साथ पैदल यात्रा कर रहे हैं, लेकिन रोपा पहुंचने पर उन्हें कीचड़ और गंदगी से भरे रास्ते से गुजरना पड़ रहा है। ग्रामीणों का कहना है कि पदयात्राओं को देखते हुए पंचायत प्रशासन को प्रमुख रास्तों की सफाई पहले ही करा देनी चाहिए थी।
सड़क तक पहुंचीं कांटेदार झाड़ियां, हादसे का भी डर
मुख्य सड़क के किनारे बबूल की झाड़ियां बढ़कर सड़क तक पहुंच गई हैं। कई जगह झाड़ियों के कारण वाहन चालकों को सड़क के बीच की ओर होकर निकलना पड़ता है। सामने से दूसरा वाहन आने पर दुर्घटना की आशंका बनी रहती है। रात के समय दृश्यता कम होने से खतरा और बढ़ जाता है।

 

ग्रामीणों का सवाल- आखिर कब जागेगा पंचायत प्रशासन?

ग्रामीणों का कहना है कि साफ-सफाई जैसी बुनियादी व्यवस्था के लिए भी बार-बार मांग करनी पड़ रही है। यदि समय रहते नालियों और रास्तों की सफाई के साथ बबूल की झाड़ियों की कटाई कराई जाती तो बारिश में ऐसी स्थिति नहीं बनती।
ग्रामीणों ने ग्राम पंचायत प्रशासन से मुख्य सड़क सहित आबादी क्षेत्र में जमा कीचड़ और गंदगी की तत्काल सफाई कराने तथा रास्ते में फैली बबूल की झाड़ियों को हटवाने की मांग की है। लोगों का कहना है कि सावन में गुजरने वाले पदयात्रियों और रोजाना आवाजाही करने वाले ग्रामीणों की परेशानी को देखते हुए पंचायत प्रशासन को अब बिना देरी कार्रवाई करनी चाहिए