सादुलपुर -( बजरंग आचार्य )
स्मार्ट हलचल|राजगढ़ पंचायत समिति सभागार में गुरूवार को पंचायती राज आम चुनाव 2026 के अंतर्गत सरपंच पदों के आरक्षण एवं श्रेणीवार आवंटन को लेकर लॉटरी प्रक्रिया का आयोजन किया गया。 इस दौरान प्रशासनिक अधिकारियों और स्थानीय जनप्रतिनिधियों के बीच उस समय माहौल बेहद तनावपूर्ण हो गया, जब नवनिर्मित ग्राम पंचायत लुदी झाबर को अनुसूचित जनजाति (एसटी) श्रेणी के लिए आरक्षित घोषित किया गया. इस फैसले के सामने आते ही बैठक में मौजूद जनप्रतिनिधियों ने जोरदार विरोध जताया और अधिकारियों पर गंभीर आरोप लगाए。
विरोध प्रदर्शन कर रहे जनप्रतिनिधियों का मुख्य आरोप था कि नवगठित ग्राम पंचायत लुदी झाबर में अनुसूचित जनजाति (एसटी) वर्ग की आबादी नगण्य अथवा शून्य है। इसके बावजूद अधिकारियों द्वारा इस पंचायत को एसटी वर्ग के लिए आरक्षित कर देना पूरी तरह से विधि विरुद्ध और नियमों के विपरीत है। जनप्रतिनिधियों ने आरोप लगाया कि अधिकारी पूरी तरह से सरकार के दबाव में आकर काम कर रहे हैं और जमीनी वास्तविकताओं तथा नियमावलियों को दरकिनार कर रहे हैं。
लॉटरी प्रक्रिया के दौरान उपखण्ड अधिकारी कार्यालय राजगढ़ (चूरू) द्वारा जारी आधिकारिक आदेश (कमांक: निर्वां./पं.चुनाव/2026/दिनांक 24.09.2026) के तहत ग्रामीण विकास एवं पंचायत राज विभाग की पूर्व दिशा-निर्देशों व राजस्थान पंचायती राज अधिनियम 1994 की धारा 15 व 16 के प्रावधानों का हवाला दिया गया था。 हालांकि, लुदी झाबर ग्राम पंचायत के आवंटन को लेकर उपजे भारी विरोध के कारण सभागार में माहौल काफी गहमागहमी भरा हो गया।
बैठक के दौरान स्थानीय विधायक मनोज न्यांगली, उपखण्ड अधिकारी (एसडीएम) मनोज खेमादा, निर्वाचन शाखा के अधिकारी हनुमान सिंह श्योराण, अश्वनी शर्मा सहित भारी पुलिस बल एवं प्रशासनिक अमला मौके पर मुस्तैद रहा। समाचार लिखे जाने तक प्रशासनिक स्तर पर जनप्रतिनिधियों को शांत कराने और स्थिति को नियंत्रित करने के प्रयास किए जा रहे थे, जिससे आगामी चुनावों से पहले राजनीतिक सरगर्मी काफी बढ़ गई है।