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पारिवारिक न्यायालय बार एसोसिएशन ने मनाया 10वां स्थापना दिवस और वरिष्ठ अधिवक्ताओं का सम्मान किया

महेन्द्र नागौरी

जयपुर भीलवाड़ा  भारत की पहली बार एसोसिएशन नेसोम वार को दसवां स्थापना दिवस मनाया ।
इस मौके पर संस्था के वरिष्ठ सदस्य पूनमचंद भंडारी व अजित सिंह लूनिया का स्वागत किया गया ।संस्था के अध्यक्ष डी एस शेखावत ने इस अवसर पर बताया कि सन् 2011 से पहले पारिवारिक न्यायालय जयपुर की हालत गंभीर थी मुवक्किलों के बैठने, पीने के पानीं केंटीनं पार्किंग व फोटो कोपी की कोई व्यवस्था नहीं थी संस्था ने ये सारी सुविधाएं अपने स्तर पर की हैं।
संस्था के महासचिव विष्णु शर्मा ने संस्था की प्रगति के बारे में बताया कि तत्कालीन मुख्य न्यायाधीश अरूण मिश्रा से मिलकर बार के लिए कमरा आवंटित कराया तथा हाईकोर्ट में याचिका दायर करके वकीलों को पैरवी का अधिकार दिलवाया।
एसोसिएशन के संरक्षक पूनमचंद भंडारी एडवोकेट ने बताया कि 2012 को एसोसिएशन की स्थापना के बाद हमेशा इस बात का प्रयास किया कि पति पत्नी में समझौता हो और घर ना टूटे और एसोसिएशन व न्यायालय के संयुक्त प्रयास से बहुत घर बचाए गए। 1986 में पहला न्यायालय जयपुर में खुला था लेकिन काउंसिलिंग रूम नहीं थे तब हाईकोर्ट में याचिका दायर करके और मुख्यमंत्री गहलोत व मुख्य सचिवों से लगातार संपर्क करके तीन कमरे दिलवाए गए तथा लगातार प्रयास करके न्यायालय के लिए जमीन आवंटित करने की प्रक्रिया जारी है इसके अलावा तीन नए न्यायालय खुलवाए हैं ताकि मुवक्किलों के मुकदमे जल्दी निपट सकें।
सहसंरक्षक अजित लुनिया जी ने एसोसिएशन को धन्यवाद दिया कि वह स्वागत से भावविभोर हो गए और बताया कि वह सबसे वरिष्ठ अधिवक्ता व प्रथम अध्यक्ष रहे और एसोसिएशन लगातार मुवक्किलों की सुविधाओं के लिए प्रयासरत है। हाईकोर्ट बार के सचिव अंशुमन ने कहा कि वरिष्ठ अधिवक्ताओं के सहयोग से अब न्यायालय में सभी सुविधाएं हैं और वे हमेशा सहयोग के लिए तैयार हैं। वरिष्ठ अधिवक्ता व एसोसिएशन के संरक्षक भंडारी व लूनिया का साफा पहनाकर व सभी सदस्यों ने माल्यार्पण कर भव्य स्वागत किया।

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