शिवराज बारवाल मीना
टोंक/देवली।स्मार्ट हलचल|जिले के देवली उपखंड मुख्यालय स्थित सरकारी अस्पताल में अक्टूबर 2025 में आई लाखों रुपए की सोनोग्राफी मशीन आज भी बिना उपयोग के पड़ी है। मशीन होने के बावजूद विशेषज्ञ डॉक्टर की नियुक्ति नहीं होने से यह अत्याधुनिक सुविधा मरीजों के किसी काम नहीं आ रही है।
जानकारी के अनुसार, सरकार द्वारा मरीजों को बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएं उपलब्ध कराने के उद्देश्य से यह मशीन अस्पताल को उपलब्ध करवाई गई थी, लेकिन विशेषज्ञ की कमी के चलते इसका संचालन शुरू नहीं हो सका। परिणामस्वरूप, गर्भवती महिलाओं सहित अन्य मरीजों को मजबूरी में निजी लैब्स का रुख करना पड़ रहा है, जहां उन्हें महंगे दामों पर सोनोग्राफी करवानी पड़ती है।स्थानीय लोगों का कहना है कि एक ओर सरकार स्वास्थ्य सुविधाओं को मजबूत करने का दावा कर रही है, वहीं दूसरी ओर लाखों रूपयों की मशीनें बिना उपयोग के पड़ी रहना व्यवस्था पर सवाल खड़े करता है। मरीजों और उनके परिजनों ने जल्द से जल्द विशेषज्ञ की नियुक्ति कर मशीन को चालू करने की मांग की है।
*जनप्रतिनिधियों और प्रशासन से मांग*
क्षेत्रवासियों ने प्रशासन और जनप्रतिनिधियों से अपील की है कि इस समस्या का शीघ्र समाधान कर अस्पताल में सोनोग्राफी सेवा शुरू करवाई जाए, ताकि आमजन को राहत मिल सके और उन्हें बाहर महंगे खर्च से बचाया जा सके।
