:- सरकार के नियमों को ताक में रख अपने स्तर पर ही करली खरीददारी
स्मार्ट हलचल।कोटड़ी/राज्य सरकार ने नई शिक्षा नीति 2020 में प्रारंभिक स्तर पर बुनियादी साक्षरता एवं संख्याज्ञान की समझ को विकसित करने हेतु कक्षा 1 से 5 तक अध्ययनरत बालकों में सीखने को सरल व रोचक बनाने हेतु कला किट की खरीद के लिए प्रति विद्यार्थी 30 रूपये की राशि सीबीईओ के मार्फत पीईईओ के एसएनए खाते में लिमिट जारी की। उक्त राशि से विद्यालय स्तर पर नामांकन के आधार पर कलाकिट खरीद कर बिल पीईईओ को उपयोगिता प्रमाणपत्र के साथ पंहुचाने के निर्देश सरकार की ओर से जारी किए गए। ब्लॉक क्षेत्र के अनेक पीईईओ उक्त नियमों को ताक में रख कला किट में कलाकारी कर पीईईओ क्षेत्र के नामांकन के आधार पर कलाकिट खरीद क्षेत्र के विद्यालयों के संस्थाप्रधानों को आगे से ही किट आने की बात कह कर किट मुहैया करा रहे है। इसका खुलाशा उस समय हुआ जब उस क्षेत्र के संस्थाप्रधान सामग्री खरीद का बिल देने पंहुचे। जबकि सरकार के नियमानुसार विद्यालयों के संस्थाप्रधानों द्वारा अपने स्तर पर कला किट खरीद कर बिल बना दिए गए। अब बिलों की राशि समायोजन ओर अपने द्वारा खरीदे गए किट गले की फांस बन गए है। क्षेत्र के संस्थाप्रधानों ने उच्च अधिकारियों को पीईईओ के द्वारा कला किट सीबीईओ स्तर पर ही वितरण करने की जानकारी ली तो उन्होने एसी कोई खरीद नहीं करने को कहा। इस पर शिक्षकों ने पीईईओ द्वारा किट की राशि पर कुण्डली मार कर स्वयं के स्तर पर किट खरीदने का विरोध जताया। अधिकारियों ने भी संबधित पीईईओ को विद्यालय स्तर पर खरीदने के नियमों की पालना करने के निर्देश दिए। ब्लॉक के शिक्षकों में कलाकिट की राशि से की जारही कलाकारी की चर्चा बनी हुई है।













