दो मासूम बच्चे झुलसे, बचाने पहुंचीं मां-दादी भी नहीं बचीं
केकड़ी जिला अस्पताल में जिंदगी से जंग लड़ रहे चारों घायल
दिलखुश मोटीस
सावर(अजमेर)@स्मार्ट हलचल|चितिवास गांव में रविवार शाम एक दर्दनाक हादसे ने पूरे क्षेत्र को झकझोर कर रख दिया। पतंग उड़ाने की खुशी उस समय मातम में बदल गई जब हाईटेंशन विद्युत लाइन की चपेट में आने से एक ही परिवार के चार सदस्य करंट से बुरी तरह झुलस गए। हादसे में दो नाबालिग बच्चे और उन्हें बचाने पहुंचीं मां व दादी गंभीर रूप से घायल हो गईं।
जानकारी के अनुसार, गांव में मकान की छत पर पतंग उड़ा रहे रूपेश पुत्र रामलाल रैगर (15) और हेमंत कुमार पुत्र कैलाश रैगर (12) की पतंग का लौह धातु से लेपित मांझा पास से गुजर रही 11 केवी हाईटेंशन विद्युत लाइन से जा टकराया। मांझे में अचानक करंट दौड़ने से दोनों बच्चे झुलस गए और मौके पर ही तड़पने लगे।
बच्चों की हालत देख घबराई उनकी मां चांदू देवी पत्नी रामलाल रैगर (35) और दादी पानी देवी पत्नी गुदड़ रैगर (45) उन्हें बचाने दौड़ीं, लेकिन वे भी करंट की चपेट में आ गईं। कुछ ही पलों में पूरा परिवार हादसे का शिकार हो गया।
घटना के बाद गांव में अफरा-तफरी मच गई। ग्रामीणों ने तत्परता दिखाते हुए सभी घायलों को निजी वाहनों से सावर के राजकीय अस्पताल पहुंचाया, जहां चिकित्सकों ने प्राथमिक उपचार के बाद उनकी गंभीर स्थिति को देखते हुए केकड़ी जिला चिकित्सालय रेफर कर दिया। चिकित्सकों के अनुसार चारों की हालत नाजुक बनी हुई है।
हादसे के बाद चितिवास गांव में दहशत का माहौल है। ग्रामीणों ने आबादी क्षेत्र के ऊपर से गुजर रही उच्च वोल्टेज बिजली लाइनों को लेकर नाराजगी जताते हुए उन्हें हटाने या पर्याप्त सुरक्षा उपाय करने की मांग की है। लोगों का कहना है कि पतंगबाजी के मौसम में ऐसी लाइनें जानलेवा साबित हो रही हैं।
इस संबंध में सावर विद्युत विभाग के कनिष्ठ अभियंता सुभाष मीणा ने बताया कि हादसा लौह धातु से लेपित मांझे के कारण हुआ है। उन्होंने कहा कि विद्युत लाइन की ऊंचाई नियमानुसार है, लेकिन आमजन को पतंग उड़ाते समय सावधानी बरतनी चाहिए और धातु युक्त मांझे का उपयोग नहीं करना चाहिए।


