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बांध की तीर पर भी प्यासे – कई वर्षों बाद भी सातखेजड़ा गांव के लोगों को शुद्ध पेयजल नसीब नही

बांध की तीर पर भी प्यासे – कई वर्षों बाद भी सातखेजड़ा गांव के लोगों को शुद्ध पेयजल नसीब नही

जल जीवन मिशन ग्रामीणों के लिए एक सपना 70 साल से फ्लोराइड युक्त पानी पीने को मजबूर

राजाराम लालावत
देवली/टोंक। स्मार्ट हलचल/देवली उप खण्ड की फोल्याडा पंचायत के सात खेजड़ा गांव में आजादी के सत्तर साल बाद भी ग्रामीणों को शुद्ध पेयजल नसीब नही हो पाया है।जिससे ग्रामीणों को गांव में लगे हैंड पंप का जंग व फ्लोराइड युक्त पानी पीकर प्यास बुजाना पड़ रहा है। तो महिलाओं को कठिन परिश्रम कर कुवों आदि से पानी लाना पड़ रहा है ऐसे में केन्द्र सरकार व राज्य सरकार की जल जीवन मिशन हर घर नल योजना भी गांव वालों के लिए केवल सपना बनी हुई है। इन सत्तर सालों में कई जन प्रतिनिधि चुनाव जीत के चले गये पर शुद्ध पीने के पानी पर दिये आश्वासन भी पूरे नही हो सके। सरकार द्वारा एससी वर्ग के परिवारों के विकास के लिए करने वाले दावों में यहाँ शुद्ध पेयजल भी नसीब नही है। इस बारे में ग्रामीणों ने कई बार प्रशासन को भी अवगत कराया मीडिया में भी उक्त समस्या पर बड़ी खबर चली पर बिसलपुर पेयजल परियोजना विभाग के अधिकारियों के जूं तक नही रेगी। ग्रामीणों को मजबूर होकर 12 फरवरी सोमवार को भी देवली उप खण्ड अधिकारी को ज्ञापन देकर उक्त समस्या से अवगत कराया है। तथा ग्रामीणों को जल्दी समस्या समाधन का विश्वास दिलाया है। ग्रामीणों के अनुसार गांव में 65 से 70 परिवारों के लोग निवास करते है। जबकि छोटी छोटी ढाणियों में भी बिसलपुर पेयजल योजना अंतर्गत घर घर नल लगा दिये है तथा गांव के आसपास आदर्श गांव धंधोली में नल लगा दिये गये है किंतु उक्त गांव वालों के लिए शुद्ध पीने के पानी की विकट समस्या बनी हुई है। ग्रामीणों ने गांव को बिसलपुर पेयजल योजना से जुड़वाकर शुद्ध पेयजल उपलब्ध करवाने की मांग रखी है तथा समस्या का शीघ्र समाधान नही होने पर प्रशासन को आंदोलन की चेतवनी भी दी है। ग्रामीण रतन लाल बैरवा ने बताया की फ्लोराइड युक्त पानी पीने से छोटे छोटे बच्चों सहित अन्य घुटनों की समस्या से ग्रस्त हो रहे है तथा अशुद्ध जलजनित अन्य बीमारियों के होने का अंदेशा बना हुआ है।

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