1.39 लाख अभ्यर्थियों ने दी परीक्षा, 9,191 सफल; कुल परिणाम 6.59 प्रतिशत रहा, 37 विषयों में आयोजित हुई परीक्षा
कोटा।स्मार्ट हलचल|राजस्थान राज्य पात्रता परीक्षा (SET)-2026 का परिणाम शुक्रवार को जयपुर स्थित राजकीय आवास से उप मुख्यमंत्री प्रेमचंद बैरवा ने जारी किया। इस अवसर पर राजस्थान यूनिवर्सिटी के कुलगुरु प्रोफेसर बीपी सारस्वत, कोटा विश्वविद्यालय की कुलगुरु डॉ विमला डूंकवाल, कुलसचिव श्री मुरलीधर प्रतिहार तथा परीक्षा के समन्वयक प्रोफेसर घनश्याम शर्मा उपस्थित रहे।कोटा विश्वविद्यालय की ओर से आयोजित इस परीक्षा में 1,39,383 अभ्यर्थी शामिल हुए, जिनमें से 9,191 अभ्यर्थियों ने सफलता प्राप्त की। इस प्रकार परीक्षा का कुल परिणाम 6.59 प्रतिशत रहा। विषय एवं आरक्षण श्रेणीवार जारी कटऑफ सूची में शारीरिक शिक्षा विषय ने सर्वोच्च स्थान हासिल किया। इसमें सामान्य वर्ग का कटऑफ 86.01 प्रतिशत रहा, जबकि भौतिक विज्ञान की कुछ आरक्षित श्रेणियों में न्यूनतम कटऑफ 36.67 प्रतिशत दर्ज किया गया। दोनों के बीच 49.34 प्रतिशत अंकों का अंतर रहा।
गौर तलब है कि यह परीक्षा राजस्थान विश्वविद्यालय के कुलगुरु बीपी सारस्वत के तत्कालीन निर्देशन में परीक्षा आयोजन से लेकर परिणाम जारी करने तक की प्रक्रिया संपन्न हुई। उन्होंने परीक्षा के सफल एवं सुव्यवस्थित आयोजन के लिए निर्धारित व्यवस्थाओं के तहत कार्य किया।
उप मुख्यमंत्री प्रेमचंद बैरवा ने सफल अभ्यर्थियों को बधाई देते हुए कहा कि यह उपलब्धि उनकी कड़ी मेहनत, लगन और निरंतर प्रयासों का प्रतिफल है।उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि सफल अभ्यर्थी अपनी योग्यता, ज्ञान और शिक्षण कौशल के माध्यम से विद्यार्थियों के भविष्य निर्माण तथा प्रदेश की उच्च शिक्षा व्यवस्था को सुदृढ़ बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगे।
प्रो. बी.पी. सारस्वत ने भी सफल अभ्यर्थियों को शुभकामनाएं देते हुए इसे प्रदेश की उच्च शिक्षा के लिए महत्वपूर्ण उपलब्धि बताया। वहीं कोटा विश्वविद्यालय की कुलगुरु प्रो. विमला डूंकवाल ने परीक्षा के सफल आयोजन एवं परिणाम प्रक्रिया की जानकारी दी। उन्होंने विद्यार्थियों को शुभकामनाएं देते कहा कि सफल विद्यार्थियों के लिए असिस्टेंट प्रोफेसर की रहा खुल गई है.
1.77 लाख अभ्यर्थियों ने कराया था पंजीयन
कोटा विश्वविद्यालय की ओर से जारी अधिसूचना के अनुसार SET-2026 के लिए कुल 1,77,901 अभ्यर्थियों ने पंजीयन कराया था। इनमें से 1,39,383 अभ्यर्थी परीक्षा में शामिल हुए। इस प्रकार पंजीकृत अभ्यर्थियों में से लगभग 78.35 प्रतिशत ने परीक्षा दी। सफल घोषित 9,191 अभ्यर्थियों का कुल उपस्थित अभ्यर्थियों में प्रतिशत 6.59 रहा।
परीक्षा 13 सितंबर को प्रदेश के सात संभागीय मुख्यालयों पर बनाए गए 429 परीक्षा केंद्रों पर आयोजित की गई थी। परीक्षा का समय सुबह 11 से दोपहर 2 बजे तक निर्धारित था। तीन घंटे की परीक्षा ऑफलाइन ओएमआर आधारित प्रणाली से संपन्न हुई।
37 विषयों में परीक्षा, पहली बार दो नए विषय शामिल
इस वर्ष SET परीक्षा कुल 37 विषयों में आयोजित की गई। परीक्षा के विषय विस्तार के तहत पहली बार जनसंचार एवं पत्रकारिता तथा संस्कृत (पारंपरिक) विषयों को भी शामिल किया गया। इससे इन विषयों में उच्च शिक्षा प्राप्त कर रहे अभ्यर्थियों को भी सहायक आचार्य पद की पात्रता हासिल करने का अवसर मिला। विषयों की संख्या बढ़ने से परीक्षा का दायरा भी विस्तृत हुआ।
शारीरिक शिक्षा में सबसे ऊंचा कटऑफ
विषयवार एवं श्रेणीवार कटऑफ का विश्लेषण करें तो शारीरिक शिक्षा विषय में सामान्य वर्ग का कटऑफ 86.01 प्रतिशत के साथ सबसे अधिक रहा। इसके बाद दर्शनशास्त्र में ओबीसी वर्ग का कटऑफ 80 प्रतिशत दर्ज किया गया। वाणिज्य विषय में सामान्य वर्ग का कटऑफ 74.67 प्रतिशत तथा उर्दू में 74 प्रतिशत रहा। सांख्यिकी में सामान्य वर्ग का कटऑफ 72 प्रतिशत और योग में ईडब्ल्यूएस वर्ग का कटऑफ 70 प्रतिशत रहा।
अन्य प्रमुख विषयों में रसायन विज्ञान का सामान्य वर्ग कटऑफ 59.33 प्रतिशत, भौतिक विज्ञान का 60.67 प्रतिशत तथा जीवन विज्ञान का 58.67 प्रतिशत रहा। इतिहास में ओबीसी वर्ग का कटऑफ 58 प्रतिशत दर्ज किया गया।
भौतिक विज्ञान की कुछ श्रेणियों में सबसे कम कटऑफ
कटऑफ सूची में सबसे कम स्तर भौतिक विज्ञान विषय की कुछ आरक्षित श्रेणियों में देखने को मिला। इसमें एससी दिव्यांग (BLV) तथा ईडब्ल्यूएस दिव्यांग (LD-ETC) श्रेणियों का कटऑफ 36.67 प्रतिशत रहा। इतिहास विषय में ओबीसी दिव्यांग (DHH) श्रेणी का कटऑफ भी 36.67 प्रतिशत दर्ज किया गया। जीवन विज्ञान में एससी दिव्यांग तथा ओबीसी दिव्यांग (LD-ETC) श्रेणियों का कटऑफ 37.33 प्रतिशत रहा।
इस प्रकार कटऑफ सूची में विषय और आरक्षण श्रेणी के अनुसार व्यापक अंतर सामने आया। खास बात यह रही कि शारीरिक शिक्षा में सामान्य वर्ग का कटऑफ जहां 86.01 प्रतिशत रहा, वहीं कुछ दिव्यांग श्रेणियों में यह 36.67 प्रतिशत तक रहा।
भूगोल और शारीरिक शिक्षा में स्केलिंग
विश्वविद्यालय की अधिसूचना के अनुसार परीक्षा में प्रत्येक प्रश्न दो अंक का निर्धारित था। गलत उत्तर के लिए कोई नकारात्मक अंक नहीं रखा गया था। भूगोल और शारीरिक शिक्षा विषयों की परीक्षाएं दो पारियों में आयोजित होने के कारण इन विषयों में स्केलिंग पद्धति अपनाई गई, ताकि अलग-अलग पारियों के प्रश्नपत्रों के कठिनाई स्तर के अंतर को संतुलित किया जा सके।
दो सप्ताह बाद डाउनलोड होंगे ई-सर्टिफिकेट
विश्वविद्यालय के अनुसार सफल अभ्यर्थी परिणाम जारी होने के दो सप्ताह बाद अपनी एसएसओ आईडी के माध्यम से ई-सर्टिफिकेट एवं स्कोरकार्ड डाउनलोड कर सकेंगे। इसके लिए अभ्यर्थियों को SET कार्यालय में अलग से कोई दस्तावेज या प्रमाणपत्र जमा कराने की आवश्यकता नहीं होगी।
विश्वविद्यालय ने परिणाम के साथ सफल अभ्यर्थियों के रोल नंबर तथा विषयवार एवं श्रेणीवार कटऑफ की सूची भी जारी की है। इससे अभ्यर्थी अपने विषय और आरक्षण श्रेणी के अनुसार परिणाम की स्थिति का आकलन कर सकेंगे।