Homeराजस्थानउदयपुर-राजसमन्दविद्यार्थी के सर्वागींण विकास में शारीरिक साक्षरता महत्वपूर्ण : काहाल्या

विद्यार्थी के सर्वागींण विकास में शारीरिक साक्षरता महत्वपूर्ण : काहाल्या

उदयपुर 10 दिसंबर |स्मार्ट हलचल|‘’उदयपुर एवं सलुम्बर जिले के समस्त ब्लाॅकों से 40 शारीरिक शिक्षकों का शारीरिक साक्षरता पर आधारित तीन दिवसीय क्षमता संवर्धन प्रशिक्षण आज बुधवार को डाइट में प्रारंभ हुआ।
इस तीन दिवसीय प्रशिक्षण के शुभारम्भ अवसर पर डाइट प्रधानाचार्य शीला काहाल्या ने अपने उद्बोधन में कहा कि विद्यार्थी के सर्वागींण विकास में शारीरिक साक्षरता की महत्वपूर्ण भूमिका हैं। प्रशिक्षण प्रभारी एवं समन्वयक वरिष्ठ उपजिला अधिकारी शारीरिक शिक्षा लक्ष्मणदास वैष्णव ने बताया कि इस प्रशिक्षण के माध्यम से शारीरिक शिक्षकों को एनईपी 2020, एनसी एफ 2023 ,एवं एससीएफ 2023 के अनुसार शारीरिक शिक्षा के महत्व तथा आवश्यकता की अवधारणा विद्यालयों एवं विद्यार्थियों तक पहुंचाने के लिए यह प्रशिक्षण आयोजित किया जा रहा है।
इस अवसर पर कार्यानुभव प्रभागाध्यक्ष डाॅ. जगदीश कुमावत ने संभागियों को कार्यक्रम एजेन्डा प्रस्तुत करते हुए विभिन्न सत्रों पर चर्चा के माध्यम से शारीरिक साक्षरता से समग्र विकास, शारीरिक एवं मानसिक मंनोरंजनात्मक शिक्षा, शारीरिक शिक्षा को रोचक एवं विद्यालय परिसर के अनुकूल बनाने पर ज़ोर दिया।
वरिष्ठ व्याख्याता शारीरिक शिक्षा हर्षवर्धन सिंह ने विद्यार्थियों के व्यक्तिगत स्वास्थ्य एवं तनाव तथा व्यसनमुक्त, योग शिक्षण पर जानकारी सांझा की। प्रषिक्षण में मुख्य विषय विषेषज्ञ एवं संचालन चुन्नीलाल चन्देरिया एवं हरिवल्लभ रेगर ने आज के राज्य स्तरीय शारीरिक साक्षरता माॅड्युल पर आधारित गतिविधियों को प्रायोगिक रूप में सम्पादित करवाया । राज्य संदर्भ व्यक्ति रणवीरसिंह राणावत द्वारा राज्य स्तर हो रही शारीरिक साक्षरता की गतिविधियों एवं विद्यालय में आगामी कार्यक्रमों के बारे में चर्चा की गई।

चर्चा सत्र में मुख्य रूप से भेरूसिंह राठौड़, दीपक व्यास, हरिसिंह राजावत, वासुदेव चौबीसा, सुनिल कोठारी, अर्जुनसिंह झाला, सुनिल कुमावत आदि ने सक्रिय भूमिका निभायी। प्रशिक्षण का समापन शुक्रवार 12 दिसंबर को होगा।

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