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बलिया में फरेब आश्वासन के झांसे में पुलिस! 85 लाख की ठगी मामले में फरेब आश्वासन पर थमी कार्रवाई,रकम वापसी का इंतज़ार!

बलिया। स्मार्ट हलचल|जिले में जमीन के नाम पर हुई 85 लाख रुपये की बड़ी जालसाजी का मामला अब और भी चौंकाने वाले मोड़ पर पहुंच गया है। फर्जी खतौनी और पारिवारिक भरोसे की आड़ में रची गई इस ठगी में जहां एक ओर भू-माफिया की साजिश उजागर हुई है, वहीं दूसरी ओर जालसाज के “रकम लौटा देने” के आश्वासन पर पुलिस की कार्रवाई थम जाना भी चर्चा का विषय बन गया है।

यह सनसनीखेज मामला थाना सिकन्दरपुर क्षेत्र के हरनाटार दयालपुर निवासी संजय राय से जुड़ा है, जिसने अपनी मां मनवासी देवी और मौसी शकुंतला राय को आगे कर जमीन बेचने का नाटक रचा। पीड़ित संतोष कुमार अग्रवाल, निवासी निराला नगर गड़वार रोड, थाना कोतवाली बलिया, को जमीन की जरूरत थी। इसी जरूरत को भांप कर संजय राय ने खुद को मददगार बताया और ग्राम देवकली व पटखौली की आराजियों को अपनी पारिवारिक जमीन बताकर भरोसा जीत लिया।

आरोपी पीड़ित को न सिर्फ जमीन दिखाने ले गया, बल्कि अपने घर पर मां और मौसी से मिलवाकर सौदे को पूरी तरह “पारिवारिक” रंग दे दिया। 18 गाटा जमीन में से 1/4 हिस्से का सौदा तय हुआ और कीमत 1 करोड़ 38 लाख 22 हजार रुपये तय की गई। भुगतान किस्तों में होना था। भरोसा पुख्ता करने के लिए खतौनी, आधार कार्ड और फोटो जैसे दस्तावेज सौंपे गए, जो बाद में पूरी तरह फर्जी निकले।
28 अप्रैल 2020 से 22 अप्रैल 2024 के बीच पीड़ित से 66 लाख 50 हजार रुपये बेयरर चेक और 18 लाख 59 हजार रुपये नकद, कुल 85 लाख 9 हजार रुपये वसूल लिए गए। जब रजिस्ट्री की बारी आई तो आरोपी टालमटोल करने लगे। शक होने पर पीड़ित ने खतौनी की जांच कराई, जिसमें खुलासा हुआ कि जमीन आरोपियों की थी ही नहीं। पैसा मांगने पर न सिर्फ इनकार किया गया, बल्कि जान से मारने की धमकी भी दी गई।

पीड़ित की तहरीर पर सदर कोतवाली में मुकदमा अपराध संख्या 0498, 19 दिसंबर 2025 को दर्ज किया गया। मामला भारतीय न्याय संहिता 2023 की गंभीर धाराओं 316(3), 318(4), 338, 336(3), 340(2) और 351(3) में पंजीकृत है। चौंकाने वाली बात यह है कि मुकदमा दर्ज होने के बाद विवेचना अधिकारी के सामने आरोपी पक्ष ने समूची रकम वापस करने का आश्वासन दिया। इसी आश्वासन के आधार पर पुलिस ने फिलहाल अग्रीम सख्त कार्रवाई रोक रखी है और मोटी रकम की वापसी का इंतजार कर रही है।

इस पूरे प्रकरण ने बलिया में सक्रिय भू-माफिया, फर्जी दस्तावेजों के खेल और पुलिस की कार्यशैली पर कई सवाल खड़े कर दिए हैं।योगी सरकार में भू-माफियाओं के खिलाफ सख्त कार्रवाई और बुलडोजर नीति की चर्चाओं के बीच अब सबकी नजर इस बात पर टिकी है कि क्या सिर्फ आश्वासन काफी होगा, या कानून सच में जालसाजों पर अपना शिकंजा कसेगा।

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