भीलवाड़ा (स्मार्ट हलचल)शहर में पिछले तीन दशक से जमीनों की हेराफेरी कर करोड़ों रुपये डकारने वाले सफेदपोश भू-माफिया नेटवर्क के खिलाफ अब बड़ा पुलिस एक्शन शुरू हो गया है। कांग्रेस के पूर्व पदाधिकारी महेश सोनी और उसके गिरोह पर कूट रचित दस्तावेजों के जरिए जमीनों पर कब्जा करने, डराने-धमकाने और झूठे केस में फंसाने के गंभीर आरोप लगे हैं।
बेगुनाहों को झूठे केस में फंसाने की साजिश
शिकायतकर्ता ने आरोप लगाया है कि धमकियों की शिकायत करने पर गिरोह ने उलटा साजिश रचते हुए सरफुद्दीन और महेश सोनी के जरिए पत्रकार मनीष जैन और यूआईटी कार्मिक नरेश खटीक सहित अन्य बेगुनाहों पर झूठा केस दर्ज करा दिया। इनका इस जमीन से कोई वास्ता नहीं है।
काले कारनामों का लंबा इतिहास
रिपोर्ट में उल्लेख है कि यह गिरोह अपने रसूख का फायदा उठाकर सैकड़ों भूखंडों के फर्जी स्टाम्प बनाकर यूआईटी (UIT) से करोड़ों रुपए का मुआवजा उठा चुका है। इनके खिलाफ आरोपों की फेहरिस्त बहुत लंबी है:
- महाराष्ट्र पुलिस की दबिश: 3 करोड़ रुपये की धोखाधड़ी में महाराष्ट्र पुलिस ने आरसी व्यास कॉलोनी स्थित घर पर रेड की थी और बेटे को जेल जाना पड़ा था।
- ACB की रडार पर: संजय कॉलोनी रोड चौड़ीकरण में फर्जी मुआवजे को लेकर एसीबी जांच कर चुकी है।
- गंभीर आपराधिक मामले: साथी की पत्नी की लज्जा भंग करने (सुभाषनगर थाना) और सीमेंट में राख मिलाकर बेचने जैसे संगीन मामलों में भी नाम सामने आ चुका है।
- माफिया का आतंक: डर के मारे कई पीड़ित सामने नहीं आते, कुछ लोगों को आत्महत्या तक करने की नौबत आ चुकी है।
“सिटी कोतवाली थानाधिकारी शिवराज गुर्जर स्वयं इस मामले की जांच कर रहे हैं। पुलिस ने यूआईटी और नगर परिषद से फर्जी भूखंडों और मुआवजे का सारा रिकॉर्ड तलब किया है। आरोप सिद्ध होने पर पुराने सौदों की भी फाइलें खुलेंगी।” – पुलिस सूत्र
शहर में इस कार्रवाई को प्रभावशाली भू-माफिया नेटवर्क पर सबसे बड़ी चोट माना जा रहा है। अब सबकी निगाहें पुलिस की आगामी जांच रिपोर्ट पर टिकी हैं।
