अजमेर मेयर चुनाव में सियासी घमासानः भाजपा ने कांग्रेस प्रत्याशी के नामांकन पर जताई आपत्ति, सुनवाई पूरी

(हरिप्रसाद शर्मा)

अजमेर/स्मार्ट हलचल|अजमेर नगर निगम मेयर पद के नामांकन की जांच के दौरान गुरुवार को भाजपा और कांग्रेस के बीच सियासी टकराव देखने को मिला। भाजपा की मेयर प्रत्याशी अनामिका शर्मा की ओर से कांग्रेस प्रत्याशी किरण गढवाल के नामांकन के खिलाफ आपत्ति दर्ज कराई गई। आपत्ति में नगर निगम की बकाया राशि का हवाला देते हुए किरण गढ़वाल पर नामांकन में बकाया राशि से जुड़ी जानकारी छिपाने का आरोप लगाया गया।

भाजपा की ओर से आरोप लगाया गया कि किरण गढ़वाल के गढ़वाल पैलेस पर वर्ष 2018 से नगर निगम की 19 लाख 18 हजार 628 रुपए की राशि बकाया है। भाजपा ने दावा किया कि इस संबंध में नगर निगम की ओर से नोटिस भी जारी किया गया था। भाजपा ने नगर निगम अधिनियम की धारा 24 का हवाला देते हुए आपत्ति दर्ज कराई और कहा कि नामांकन में बकाया राशि से जुड़ी जानकारी स्पष्ट नहीं की गई।

आपत्ति पर गुरुवार को संबंधित अधिकारियों के समक्ष सुनवाई हुई। सुनवाई के दौरान भाजपा शहर जिलाध्यक्ष रमेश सोनी, भाजपा कार्यकर्ता और अनामिका शर्मा की ओर से अधिवक्ता मौजूद रहे। वहीं, कांग्रेस प्रत्याशी की ओर से भी अपना पक्ष रखा गया। मामले को देखते हुए मौके पर भारी पुलिस बल तैनात रहा।

सुनवाई के दौरान दोनों पक्षों के समर्थक आमने-सामने आ गए। कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने नारेबाजी की, जिसके बाद कुछ देर के लिए माहौल गरमा गया और हंगामे की स्थिति बन गई। पुलिस ने मौके पर पहुंचकर सुरक्षा व्यवस्था संभाली।
वहीं कांग्रेस प्रत्याशी किरण गढ़वाल के पति दिलीप गढ़वाल ने भाजपा की आपत्ति को खारिज किया।

उन्होंने कहा कि नगर निगम की ओर से एनओसी जारी की गई है। उनके अनुसार, एनओसी जारी होने से पहले निगम की ओर से 24 हजार और 27 हजार रुपए जमा कराने के लिए कहा गया था, जिसे जमा करा दिया गया।

दिलीप गढ़वाल ने आरोप लगाया कि हार की बौखलाहट में इस तरह के मुद्दे उठाए जा रहे हैं। उन्होंने कहा कि लगाए गए आरोप गलत हैं और जिस बकाया राशि की बात कही जा रही है, उसे लेकर स्टे चल रहा है।

भाजपा प्रत्याशी अनामिका शर्मा की ओर से लगाई गई आपत्ति पर सुनवाई पूरी हो चुकी है। दोनों पक्षों के लोग बाहर आ चुके हैं और अब प्रशासन के फैसले का इंतजार है। फैसले के बाद ही स्पष्ट होगा कि किरण गढ़वाल का नामांकन स्वीकार किया जाता है या आपत्ति के आधार पर कोई कार्रवाई होती है।