अनिल कुमार
ब्यावर। स्मार्ट हलचल|राजस्थान की राजनीति में जुबानी जंग एक बार फिर चरम पर है। ब्यावर में आयोजित कांग्रेस के “संगठन बढ़ाओ – लोकतंत्र बचाओ” सम्मेलन में उमड़े जनसैलाब पर कैबिनेट मंत्री अविनाश गहलोत की टिप्पणी ने एक बड़ा विवाद खड़ा कर दिया है। मंत्री द्वारा कांग्रेस की भीड़ की तुलना “जेसीबी की खुदाई देखने वाली भीड़” से करने पर कांग्रेस नेताओं ने मोर्चा खोल दिया है।
*ऋषि लांबा का कड़ा जवाब: “यह घमंड की भाषा है”*
प्रदेश कांग्रेस कमेटी अल्पसंख्यक विभाग के कोऑर्डिनेटर और सेवादल जिला प्रवक्ता ऋषि लांबा ने मंत्री के बयान की कड़े शब्दों में निंदा की है। *लांबा ने कहा* :
मंत्री का यह बयान केवल कांग्रेस कार्यकर्ताओं का नहीं, बल्कि ब्यावर की उस जनता का अपमान है जो अपनी समस्याओं को लेकर सड़कों पर उतरी है। ‘मच्छर की तरह मसलने’ और ‘जेसीबी की भीड़’ जैसे शब्दों का प्रयोग मंत्री की संकीर्ण मानसिकता और सत्ता के अहंकार को दर्शाता है।”
*विवाद की जड़* : डोटासरा की रैली और मंत्री का कटाक्ष
हाल ही में पीसीसी चीफ गोविंद सिंह डोटासरा की मौजूदगी में ब्यावर में एक विशाल सम्मेलन हुआ था। इसमें डोटासरा ने बेरोजगारी और महंगाई के मुद्दे पर भाजपा सरकार को घेरा था। इस भीड़ पर तंज कसते हुए सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता मंत्री अविनाश गहलोत ने कहा था कि “डोटासरा की रैली में जितनी भीड़ थी, उतनी तो जेसीबी की खुदाई देखने के लिए भी जमा हो जाती है।”
सरकार की विफलताओं पर वार
लांबा ने आगे कहा कि भाजपा सरकार युवाओं को रोजगार देने और महंगाई कम करने में पूरी तरह विफल रही है। जब जनता अपनी आवाज उठाने के लिए कांग्रेस के साथ खड़ी हो रही है, तो मंत्री अपनी खीझ निकालने के लिए जनता का मजाक उड़ा रहे हैं।
*पारस पंच ने बताया ‘जनलहर’ का संकेत*
पूर्व पीसीसी सचिव और विधानसभा प्रत्याशी पारस पंच ने भी मंत्री के बयान को आड़े हाथों लिया। उन्होंने कहा कि सम्मेलन की भारी भीड़ भाजपा की तानाशाही के अंत की शुरुआत है। सरकार इस जनलहर से इतनी घबरा गई है कि अब वह अमर्यादित भाषा पर उतर आई है।
मुख्य बिंदु:
विवादित बयान: मंत्री अविनाश गहलोत ने कांग्रेस की भीड़ को ‘जेसीबी की खुदाई वाली भीड़’ बताया।
कांग्रेस का स्टैंड: इसे जनता और लोकतांत्रिक मूल्यों का अपमान करार दिया।
प्रमुख मांग: कांग्रेस ने मंत्री से अपने शब्दों पर माफी की मांग की है और इसे जनता की भावनाओं से खिलवाड़ बताया है।
