बेहट विधानसभा क्षेत्र से सपा उम्मीदवार होंगे ऊमर अली खान(सूत्र)

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दैनिक स्मार्ट हलचल
हाकीम अली जिला संवाददाता सहारनपुर

सहारनपुर उत्तर प्रदेश की प्रथम विधानसभा बेहट(पूर्व में मुजफ्फराबाद)अबकी बार भी रोचक विधानसभा चुनाव की गवाह बनने जा रही है,हाल फिलहाल में यहां से कॉंग्रेस से नरेश सैनी विधायक हैं जो अपने दम पर बिलकुल भी नही बल्कि कॉंग्रेस के राष्ट्रीय सचिव इमरान मसूद की बदौलत चुनाव जीते थे,इमरान मसूद इस सीट से निर्दलीय चुनाव जीते थे और निर्विवाद रूप से क्षेत्र में पापुलर नेता थे उसके बाद अगले चुमाव में इमरान कैबिनेट मंत्री को हराया था अबकी बार भी कैबिनेट मंत्री को हराएंगे के नारे के साथ नकुड़ विधानसभा से चुनाव लड़ने पहुंच गए और नतीजे में आज तक लगातार हारते चले आ रहे हैं,कई विधानसभा चुनाव और लोकसभा चुनाव हार चुके हैं और अब एक अदद जीत के लिए तमामतर गोटियां बिछाते नज़र आते हैं,सियासी गलियारों में ये अफ़वाह काफी तेजी से फैल रही है(हालांकि हम ऐसा कोई दावा बिलकुल नही करते) कि इमरान आगामी चुनाव से पहले अपना बिगड़ा भविष्य सुधारने के लिए सपा में शामिल होने की जुगत लगा रहे हैं और सूत्रों के मुताबिक सब जगह के अलावा जेल में बन्द अपने पुराने दुश्मन पूर्व कैबिनेट मंत्री आज़म खान से भी अपने ताल्लुकात सही कर रहे हैंमगर हमारे सूत्रों के मुताबिक इमरान अगर सपा में शामिल होते हैं तब भी बेहट सीट से वो ऊमर अली खान का टिकट किसी कीमत पर काट नही पाएंगे उनको किसी और सीट से ही अपनी किस्मत आज़मानी पड़ेगी,भाजपा से पूर्व विधायक महावीर राणा मजबूती के साथ टिकट की दावेदारी कर रहे हैं मगर हाल ही में मुजफ्फराबाद से अपने छोटे भाई की पत्नी को निर्विरोध ब्लॉक प्रमुख बनवाकर साहब सिंह पुंडीर मज़बूत उम्मीदवार के रूप में सामने आए हैं,तकरीबन तय है कि महावीर राणा और साहब सिंह पुंडीर में से किसी एक को ही टिकट मिलेगा जो भाजपा के परंपरागत वोट और अपनी खुद की साख के सहारे मज़बूत चुनाव लड़ेंगे,बसपा से जिसको भी टिकट होगा वो बसपा के उस वोट के सहारे चुनावी वैतरणी पार करने की कोशिश करेगा जिसका युवा वोट काफी हद तक अब भाजपा और चंद्रशेखर आज़ाद की आज़ाद समाज पार्टी की तरफ आकर्षित हो चुका है,अगर इमरान सपा में आते हैं तो देखने वाली बात ये होगी कि मौजूदा विधायक नरेश सैनी कॉंग्रेस से ही चुनाव लड़ेंगे या फिर इमरान के साथ जाएंगे,सूत्र बताते हैं कि अगर इमरान नरेश सैनी को अपनी नई संभावित पार्टी से उनको टिकट न दिलवा पाए तो फिर नरेश अलग से राजनीतिक फेंसला लेने पर मजबूर हो सकते हैं,
बहरहाल हमारे सूत्रों जे मुताबिक अभी तक मुजफ्फराबाद सीट पर सपा से उमर का टिकट तो कन्फर्म ही है और जिस तरह से बीते 5 सालों में उमर ने क्षेत्र में मेहनत की है और युवाओं समेत सभी वर्गों में अपनी पकड़ बनाई है उससे उनका चुनाव मजबूती के साथ लड़ा जाएगा,सहारनपुर जनपद के तमाम सपा नेताओं में उमर अली खान को सबसे ज़्यादा मेहनती और पार्टी के प्रति समर्पित नेता माना जाता है और ये बात सपा हाईकमान तक भी पहुंच चुकी है और इसी समर्पण के इनाम के रूप में उनका टिकट कटने की स्थिति में तो कतई नही है,
बहरहाल मुजफ्फराबाद विधानसभा सीट पर आगामी चुनाव काफी रोचक होने जा रहा है और काफ़ी हद तक यही उम्मीद है कि इस सीट पर उमर और भाजपा उम्मीदवार में जबरदस्त चुनावी टक्कर देखने को मिलेगी

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