जिला मुख्यालय में बदहाल सफाई व्यवस्था : पांच बत्ती से गड्ढा पहाड़िया तक जगह जगह गंदगी के ढेर-जिम्मेदार कौन?

शिवराज बारवाल मीना

– टोंक नगर परिषद की लापरवाही उजागर : नालों व सड़कों पर कचरे व गंदगी से जनता परेशान,

– पायलट के गढ़ में सफाई व्यवस्था फेल-वार्ड 14, 15, 39 और 40 में गंदगी से त्रस्त लोग,

टोंक ।स्मार्ट हलचल|जिला मुख्यालय के नगर परिषद क्षेत्र में सफाई व्यवस्था को लेकर गंभीर सवाल खड़े हो रहे हैं। शहर के वार्ड नंबर 14, 15, 39 और 40 में पांच बत्ती से लेकर गड्ढा पहाड़िया तक गली-मोहल्लों में गंदगी का अंबार लगा हुआ है। बरसाती नालों में कचरा भरा होने से हालात बदतर हो गए हैं और स्थानीय लोगों का जीना दुश्वार हो गया है।
स्थानीय नागरिक अब्दुल रज़्ज़ाक , शावेज़ खान, आसिफ़ खान, शकील भाई सहित अन्य मोहल्लेवासियों का आरोप है कि नगर परिषद टोंक द्वारा नियमित रूप से साफ-सफाई नहीं करवाई जा रही, जिससे गंदगी लगातार बढ़ती जा रही है। कई स्थानों पर नालों में जमा कचरे के कारण बदबू फैल रही है और मच्छरों का प्रकोप भी बढ़ गया है। इससे लोगों में बीमारी फैलने की आशंका भी बनी हुई है।
*पूर्व उपमुख्यमंत्री के क्षेत्र में भी लापरवाही*
गौरतलब है कि टोंक जिला मुख्यालय राज्य के पूर्व उप मुख्यमंत्री एवं वर्तमान विधायक सचिन पायलट का निर्वाचन क्षेत्र है। इसके बावजूद शहर के कई वार्डों में सफाई व्यवस्था समय पर नहीं होने से नगर परिषद की कार्यप्रणाली पर सवाल उठ रहे हैं। स्थानीय लोगों का कहना है कि बार-बार शिकायतों के बावजूद समस्या का स्थायी समाधान नहीं हो पा रहा है।
*टूटी सड़कों से बढ़ी परेशानी*
सफाई व्यवस्था के साथ-साथ शहर की कई गली-मोहल्लों की सड़कें भी बदहाल हो चुकी हैं। कई जगह सड़कें गड्ढों में तब्दील हो गई हैं, जिससे दुपहिया वाहन चालकों को आए दिन परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। कई वाहन चालक सड़क पर गिरकर चोटिल भी हो चुके हैं।
प्रशासन से कार्रवाई की मांग
क्षेत्र के लोगों ने नगर परिषद प्रशासन से नियमित सफाई, नालों की सफाई और क्षतिग्रस्त सड़कों की मरम्मत करवाने की मांग की है। नागरिकों का कहना है कि यदि जल्द ही स्थिति नहीं सुधरी तो उन्हें आंदोलन का रास्ता अपनाना पड़ सकता है।
*बड़ा सवाल*
अब सवाल यह उठता है कि जिला मुख्यालय जैसे बड़े शहर में यदि सफाई व्यवस्था समय पर नहीं हो पा रही है तो नगर परिषद के जिम्मेदार अधिकारी क्या कर रहे हैं?