पोटलां: एक साल से अधूरा पड़ा नाला बना मुसीबत, खुली गंदगी और बदबू से ग्रामीण परेशान, दी आंदोलन की चेतावनी
पोटलां | स्मार्ट हलचल संवाददाता
कस्बे में विकास कार्यों के नाम पर किस कदर लापरवाही बरती जा रही है, इसका जीता-जागता उदाहरण पोटलां में देखा जा सकता है। यहां सहाड़ा पंचायत समिति की ओर से करवाए जा रहे नाले का निर्माण एक साल बीत जाने के बाद भी अधूरा पड़ा है। ठेकेदार द्वारा काम बीच में ही छोड़ दिए जाने से ग्रामीणों में प्रशासन और जन-प्रतिनिधियों के खिलाफ भारी रोष व्याप्त है।
बीमारी का न्योता: मिट्टी से रुका गंदा पानी मार रहा दुर्गंध
ग्रामीणों ने आरोप लगाया है कि गौ कुड़ी से लेकर रैगर मौहल्ला के धोलाजी बावजी तक बनने वाला यह नाला लंबे समय से आधा-अधूरा छोड़ दिया गया है। स्थानीय लोगों के अनुसार, कस्बे के प्रमुख हिस्सों— रावला चौक, सहकारी डेयरी, पारिक मौहल्ला, दूरभाष केन्द्र और पुराने अस्पताल तक की नालियों के पानी की निकासी इसी गटर (नाले) के माध्यम से होती है।
वर्तमान में गटर के कुछ हिस्सों में मिट्टी पड़ी हुई है, जिससे गंदे पानी की निकासी रुक गई है और बदबूदार पानी जमा हो गया है। इस सड़ांध और भयंकर बदबू के कारण नाले के किनारे स्थित घरों में लोगों का रहना और सांस लेना तक दूभर हो गया है।
खुले नाले में गिर रहे बेजुबान पशु, बारिश में जलभराव का डर
नाला खुला होने के कारण यहां से गुजरने वाले राहगीरों को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। आए दिन इस खुले गटर में गाय, भैंस, भेड़ और बकरियां गिर कर चोटिल हो रही हैं, जिससे पशुपालकों को भी बड़ा नुकसान और कठिनाइयां झेलनी पड़ रही हैं। ग्रामीणों को इस बात का डर सता रहा है कि यदि मानसून (बारिश) से पहले इस नाले का निर्माण पूरा नहीं हुआ, तो पूरे इलाके को भीषण जलभराव की समस्या से जूझना पड़ेगा।
एक साल से लटके इस निर्माण कार्य को लेकर स्थानीय लोगों ने क्षेत्रीय विधायक सहित शासन-प्रशासन को कई बार अवगत कराया है। रैगर मौहल्ला के निवासियों ने पूर्व में प्रधान प्रतिनिधि शिवलाल भील से भी नाला निर्माण की मांग की थी। उनके आश्वासन के बाद निर्माण शुरू तो हुआ, लेकिन कुछ महीनों से यह काम फिर से ठप पड़ा है। आक्रोशित ग्रामीणों ने चेतावनी दी है कि यदि जल्द ही नाला निर्माण कार्य दोबारा शुरू नहीं कराया गया, तो वे मजबूर होकर सड़क पर उतरेंगे और उग्र आंदोलन करेंगे।
