पारम्परिक दुग्ध उत्पादों का निर्माण एवं उद्यमिता विकास” प्रशिक्षण कार्यक्रम सम्पन्न

उदयपुर, 25 मार्च। स्मार्ट हलचल|स्कूल ऑफ एग्रीकल्चरल साइंसेस, डबोक, जनार्दन राय नागर राजस्थान विद्यापीठ (डीम्ड टू बी विश्वविद्यालय), उदयपुर में आयोजित तीन दिवसीय “पारम्परिक दुग्ध उत्पादों का निर्माण एवं उद्यमिता विकास” प्रशिक्षण कार्यक्रम का समापन आज गरिमामय विदाई समारोह के साथ हुआ।समापन समारोह की अध्यक्षता अधिष्ठाता, स्कूल ऑफ एग्रीकल्चरल साइंसेस, प्रो. गजेन्द्र कुमार माथुर ने की, जबकि मुख्य अतिथि के रूप में भाकृअनुप–राष्ट्रीय कृषि अनुसंधान प्रबंधन अकादमी (NAARM) के कार्यवाहक निदेशक डॉ. गोपाल लाल उपस्थित रहे।

कार्यक्रम का शुभारंभ स्वागत उद्बोधन एवं प्रशिक्षण प्रतिवेदन प्रस्तुतिकरण से हुआ, जिसे नोडल अधिकारी प्रो. इन्द्रजीत माथुर द्वारा प्रस्तुत किया गया। उन्होंने तीन दिवसीय प्रशिक्षण की गतिविधियों, उद्देश्यों तथा उपलब्धियों का विस्तृत विवरण प्रस्तुत करते हुए बताया कि इस कार्यक्रम में 40 पशुपालक महिला किसानों ने सक्रिय सहभागिता निभाई।

मुख्य अतिथि डॉ. गोपाल लाल ने अपने उद्बोधन में महिला पशुपालकों की भूमिका को भारतीय अर्थव्यवस्था में अत्यंत महत्वपूर्ण बताते हुए कहा कि दुग्ध क्षेत्र देश के सकल घरेलू उत्पाद (GDP) में उल्लेखनीय योगदान देता है। उन्होंने भाकृअनुप-NAARM द्वारा देशभर में संचालित विभिन्न शोध एवं प्रशिक्षण पहलों की जानकारी देते हुए किसानों एवं महिलाओं को इन योजनाओं का अधिकाधिक लाभ उठाने के लिए प्रेरित किया।

अध्यक्षीय उद्बोधन में प्रो. गजेन्द्र कुमार माथुर ने प्रशिक्षणार्थियों को प्राप्त ज्ञान को व्यवहार में लाने और स्वरोजगार की दिशा में आगे बढ़ने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि इस प्रकार के प्रशिक्षण कार्यक्रम ग्रामीण महिलाओं के आर्थिक सशक्तिकरण की दिशा में मील का पत्थर सिद्ध होते हैं।

कार्यक्रम के अवसर पर माननीय कुलपति प्रो. शिव सिंह सारंगदेवोत ने अपने संदेश के माध्यम से सभी प्रशिक्षणार्थियों को शुभकामनाएँ एवं आशीर्वाद प्रेषित किए।

प्रशिक्षण कार्यक्रम के प्रधान अन्वेषक (PI) प्रो. नारायण सिंह सोलंकी ने सभी अतिथियों, प्रतिभागियों एवं आयोजकों के प्रति आभार व्यक्त किया। कार्यक्रम का सफल संचालन डॉ. सौरभ राठौड़ द्वारा किया गया।

इस अवसर पर डॉ. आनन्द सिंह जोधा, डॉ. अरुणा परिहार, सुश्री दामिनी, डॉ. भावना सिंह तथा सुश्री सोनिया जैसवानी सहित अन्य गणमान्य व्यक्ति उपस्थित रहे।

कार्यक्रम का समापन उत्साह एवं नई ऊर्जा के साथ हुआ, जिसमें प्रशिक्षणार्थियों ने सीखी गई तकनीकों को अपनाकर आत्मनिर्भर बनने का संकल्प लिया।