Homeभीलवाड़ाप्रॉपर्टी विवाद ने लिया हिंसक रूप, होटल के बाहर मारपीट और फायरिंग,...

प्रॉपर्टी विवाद ने लिया हिंसक रूप, होटल के बाहर मारपीट और फायरिंग, धारदार हथियार से ड्राइवर पर हमला, सुरक्षा गार्ड की गोली से युवक घायल

चित्तौड़गढ़। शहर के जिला हॉस्पिटल के सामने स्थित आराधना होटल के बाहर शनिवार देर रात संपत्ति विवाद को लेकर दो पक्षों के बीच विवाद इतना बढ़ गया कि मामला मारपीट और फायरिंग तक पहुंच गया। घटना में एक होटल कर्मचारी गंभीर रूप से घायल हो गया, जबकि उसे बचाने के प्रयास में होटल मालिक के सुरक्षा गार्ड द्वारा की गई फायरिंग में एक युवक को गोली लग गई। वारदात के बाद इलाके में अफरा-तफरी मच गई और बड़ी संख्या में लोग मौके पर जमा हो गए।
दोनों घायलों को तत्काल इलाज के लिए जिला हॉस्पिटल पहुंचाया गया, जहां प्राथमिक उपचार के बाद गोली लगने से घायल युवक को गंभीर स्थिति में उदयपुर रेफर किया गया।

पिता–पुत्र के बीच लंबे समय से चल रहा था संपत्ति विवाद
अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक सरिता सिंह ने बताया कि आराधना होटल के मालिक भंवर सिंह नरधारी और उनके पुत्र वी.पी. सिंह के बीच काफी समय से संपत्ति के बंटवारे को लेकर विवाद चला आ रहा है। इसी विवाद के चलते शनिवार रात यह टकराव हुआ।
जानकारी के अनुसार शनिवार रात वी.पी. सिंह, अपने साथियों दीपक काटां और राजकुमार जायसवाल के साथ होटल पहुंचे। इस दौरान होटल में कार्यरत माधु मेघवाल, पीरु मेघवाल और चमकोर सिंह से उनकी कहासुनी हो गई, जो कुछ ही देर में हाथापाई में बदल गई।

होटल में तोड़फोड़, माहौल हुआ तनावपूर्ण
प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार विवाद के दौरान होटल परिसर में तोड़फोड़ भी की गई, जिससे मौके पर तनाव का माहौल बन गया। झगड़ा इतना उग्र हो गया कि लोगों को बीच-बचाव करना पड़ा, लेकिन हालात काबू में नहीं आ सके।

धारदार हथियार से हमला, ड्राइवर गंभीर घायल
पुलिस के अनुसार झगड़े के दौरान वी.पी. सिंह ने कथित रूप से धारदार हथियार से होटल में कार्यरत ड्राइवर चमकोर सिंह के सिर पर वार कर दिया। हमले में चमकोर सिंह गंभीर रूप से घायल हो गया और मौके पर ही खून बहने लगा। उसे तुरंत इलाज के लिए सांवरिया हॉस्पिटल ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने उसके सिर में करीब 10 टांके लगाए और उसे भर्ती किया गया।

सुरक्षा गार्ड ने की फायरिंग, युवक की जांघ में लगी गोली
स्थिति बिगड़ती देख होटल मालिक भंवर सिंह नरधारी के सुरक्षा गार्ड यादेवेन्द सिंह सरदार ने हस्तक्षेप किया। उसने अपनी लाइसेंसी रिवॉल्वर से वी.पी. सिंह की ओर फायरिंग कर दी। गोली वी.पी. सिंह की जांघ को आर-पार कर गई, जिससे वह घायल हो गया।
दोनों घायलों को पहले सांवरिया हॉस्पिटल ले जाया गया, बाद में गोली लगने से घायल वी.पी. सिंह को जिला हॉस्पिटल पहुंचाया गया। उसकी गंभीर स्थिति को देखते हुए डॉक्टरों ने उसे उदयपुर के गीतांजलि हॉस्पिटल रेफर कर दिया। उसके साथ पुलिस सुरक्षा भी भेजी गई है।

हॉस्पिटल परिसर में दोबारा तनाव, 9 लोग हिरासत में
घटना की सूचना मिलते ही पुलिस के वरिष्ठ अधिकारी मौके पर पहुंचे। अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक सरिता सिंह, सीओ सिटी बृजेश सिंह, ग्रामीण सीओ दिनेश सुखवाल, कोतवाली थानाधिकारी तुलसीराम और सदर थाना प्रभारी प्रेम सिंह पुलिस जाप्ते के साथ अस्पताल पहुंचे। इलाज के दौरान हॉस्पिटल परिसर में दोनों पक्षों के लोग आमने-सामने आ गए, जिससे दोबारा तनाव की स्थिति बन गई। हालात बिगड़ने की आशंका को देखते हुए पुलिस ने भंवर सिंह नरधारी, देवेंद्र सिंह, रणविजय सिंह, मोहम्मद जिशान, माधु मेघवाल, पीरु मेघवाल, दीपक काटां, राजकुमार जायसवाल और यादेवेन्द सिंह सहित कुल 9 लोगों को हिरासत में लिया।

पूर्व सैनिक है फायरिंग करने वाला सुरक्षा गार्ड
एडिशनल एसपी सरिता सिंह ने बताया कि फायरिंग करने वाला सुरक्षा गार्ड यादेवेन्द सिंह पूर्व सैनिक है और वह करीब 17 वर्षों तक भारतीय सेना में सेवा दे चुका है। सुरक्षा गार्ड का कहना है कि उसने फायरिंग आत्मरक्षा में की, क्योंकि यदि वह हस्तक्षेप नहीं करता तो चमकोर सिंह की जान को गंभीर खतरा हो सकता था।
उसका दावा है कि सेना में मिले अनुभव के कारण उसने इस तरह से फायर किया कि जानलेवा नुकसान न हो।

जांच जारी, दोनों पक्षों से ली जाएगी रिपोर्ट
फिलहाल पुलिस ने स्थिति को नियंत्रण में कर लिया है। मामले में दोनों पक्षों से रिपोर्ट ली जाएगी। पुलिस ने कहा है कि पूरे घटनाक्रम की निष्पक्ष जांच की जा रही है और जांच के निष्कर्षों के आधार पर आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी ।

wp-17693929885043633154854019175650
RELATED ARTICLES