कानपुर में नौकरी के बहाने देह व्यापार के दल – दल में ढकेली गई पश्चिम बंगाल की हसीना, यूट्यूबर गिरफ्तार ,जांच जारी

सुनील बाजपेई
कानपुर। स्मार्ट हलचल|कमसिन लड़कियों से देह व्यापार कराने में अग्रणी गिरोह ने नौकरी दिलाने के बहनपश्चिम बंगाल की एक व्यक्ति को देह व्यापार के दलदल में धकेल दिया|मामले में पुलिस ने एक यूट्यूबर को गिरफ्तार कर लिया है ,जबकि दादा के नाम से चर्चित सरगना बताए जाने वाले पश्चिम बंगाल के एक अन्य व्यक्ति समेत और भी कई लोगों की तलाश लगातार जारी है। अब तक की जांच के दौरान लगभग 20 होटल के भी नाम प्रकाश में आए हैं ,जहां लड़कियां सप्लाई की जाती थीं।
पुलिस के अनुसार युवती को ‘कोलकाता के दादा’ नाम से पहचान रखने वाले व्यक्ति और कानपुर निवासी रोहित वर्मा ने नौकरी का झांसा दिया था। इसके बाद भी वह पश्चिमबंगाल से कानपुर आई थी। लेकिन यहां उसे बंधक बनाकर जबरन गलत धंधे में धकेल दिया गया। आरोप है कि उस पर लगातार दबाव बनाया जाता था और बाहर जाने की अनुमति नहीं दी जाती थी। साथ ही उसे जान से मारन की धमकी भी दी गई थी।
जानकारी के मुताबिक मामले का खुलासा तब हुआ जब युवती किसी तरह मौका पाकर आरोपियों के चंगुल से निकल गई और सीधे पुलिस आयुक्त कार्यालय पहुंचकर पूरी घटना की जानकारी दी। मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस आयुक्त के निर्देश पर एडीसीपी क्राइम सुमित सुधाकर रामटेके, एडीसीपी लाइन शिवा सिंह और ट्रेनी आईपीएस सुमेध एम जाधव के नेतृत्व में टीमों का गठन किया गया। इसके बाद मौके पर पहुंचकर पुलिस ने इंदिरा नगर क्षेत्र से आरोपी रोहित वर्मा को हिरासत में लिया। वहीं, ‘कोलकाता के दादा’ की गिरफ्तारी के लिए एक टीम पश्चिम बंगाल रवाना की गई है। पूछताछ में आरोपी ने पहले खुद को निर्दोष बताया, लेकिन बाद में कई अहम जानकारियां दीं।
गिरफ्तार किए गए अभियुक्त के पास से पुलिस को एक न्यूज पोर्टल का आईडी कार्ड और मोबाइल नंबरों की सूची मिली है। इसके आधार पर कल्याणपुर समेत कई स्थानों पर छापेमारी की गई, जहां कुछ अनियमितताएं सामने आईं। पुलिस ने संबंधित होटलों के बुकिंग रजिस्टर और अन्य दस्तावेज कब्जे में ले लिए हैं। मामले में पुलिस की गहन छानबीन के दौरान लगभग 20 होटलों के नाम सामने आए हैं, जिनकी जांच जारी है। साथ ही अन्य पीड़िताओं और संलिप्त व्यक्तियों के संबंध में भी जानकारी जुटाई जा रही है। प्रारंभिक जांच में इस रैकेट के तार अन्य राज्यों से जुड़े होने की आशंका के आधार पर पूरे नेटवर्क की गहन जांच में लगातार जारी है।