(मोहम्मद आज़ाद नेब)
जहाजपुर|स्मार्ट हलचल| राज्य सरकार द्वारा विधानसभा में प्रस्तुत बजट 2026-27 में जहाजपुर कस्बे का नाम बदलकर ‘यज्ञपुर’ किए जाने के प्रस्ताव का स्थानीय स्तर पर विरोध शुरू हो गया है। इस को लेकर आज सोमवार को जहाजपुर बचाओ संघर्ष समिति की ओर से मुख्यमंत्री को ज्ञापन भेजकर निर्णय पर पुनर्विचार करने की मांग की गई है। ज्ञापन उपखंड अधिकारी राजकेश मीणा के माध्यम से भेजा गया।
ज्ञापन में बताया गया कि जहाजपुर का नाम पौराणिक काल से ही प्रचलित है और यह अपनी ऐतिहासिक पहचान तथा जहाजपुरी चूना खनिज के कारण देशभर में प्रसिद्ध है। विभिन्न राज्यों में आज भी जहाजपुरी चूना भेजा जाता है, ऐसे में नाम परिवर्तन से क्षेत्र की ऐतिहासिक पहचान प्रभावित होगी। समिति ने मांग की है कि कस्बे का नाम यथावत जहाजपुर ही रखा जाए।
इसके अलावा ज्ञापन में बनास नदी से स्थानीय साधनों के माध्यम से बजरी उपलब्ध कराने की मांग भी उठाई गई है। बताया गया कि पिछले दो वर्षों से स्थानीय ट्रैक्टरों को बजरी नहीं मिलने से निर्माण कार्य प्रभावित हो रहे हैं, जिससे मजदूर और कारीगर बेरोजगार हो गए हैं तथा बजरी की कीमतें भी बढ़ गई हैं। समिति ने निर्धारित शुल्क पर स्थानीय साधनों को बजरी उपलब्ध कराने की मांग की है।
तीसरी मांग में जहाजपुर-देवली मार्ग के निर्माण कार्य का मुद्दा उठाया गया है। ज्ञापन में कहा गया कि सड़क निर्माण कार्य बंद होने से सड़क पर बड़े-बड़े गड्ढे हो गए हैं, बावजूद इसके टोल वसूली जारी है। समिति ने मांग की है कि जब तक सड़क का निर्माण कार्य पूरा नहीं हो जाता, तब तक इस मार्ग को टोल मुक्त किया जाए।
संघर्ष समिति ने चेतावनी दी है कि यदि इन मांगों पर सकारात्मक निर्णय नहीं लिया गया तो जहाजपुर बंद और धरना-प्रदर्शन किया जाएगा, जिसकी जिम्मेदारी प्रशासन की होगी।
