चिमु धतरवाल
बायतु। स्मार्ट हलचल|केंद्र सरकार द्वारा लागू किए गए कथित पेंशन संबंधी अधिनियम 2025 के विरोध में राजस्थान पेंशनर समाज, उप शाखा बायतु के बैनर तले पेंशनरों ने विरोध दर्ज कराते हुए प्रधानमंत्री के नाम तहसीलदार को ज्ञापन सौंपा। पेंशनरों ने अधिनियम को तत्काल प्रभाव से वापस लेने की मांग की।
ज्ञापन में बताया गया कि यह अधिनियम पेंशनधारियों के हितों के विपरीत है और इससे सेवानिवृत्त कर्मचारियों के बीच असमानता की स्थिति उत्पन्न होगी। पेंशनरों का कहना है कि पेंशन पात्रता और गणना में किए गए बदलावों से उन्हें आर्थिक नुकसान उठाना पड़ेगा तथा उनके जीवन स्तर पर भी प्रतिकूल प्रभाव पड़ेगा।
पेंशनर समाज ने इस कानून को सामाजिक न्याय और सुरक्षा के सिद्धांतों के खिलाफ बताते हुए कहा कि पेंशन एक अधिकार है, न कि कोई सुविधा। उन्होंने सर्वोच्च न्यायालय के पूर्व निर्णयों का हवाला देते हुए कहा कि पेंशन का उद्देश्य सेवानिवृत्ति के बाद कर्मचारियों को सम्मानजनक जीवन प्रदान करना है।
पेंशनरों ने अपनी मांगों को लेकर तहसीलदार के माध्यम से प्रधानमंत्री को ज्ञापन भेजते हुए 29 मार्च 2025 को जारी अधिसूचना को तुरंत वापस लेने की मांग की। साथ ही चेतावनी दी कि यदि समय रहते उनकी मांगों पर विचार नहीं किया गया तो आंदोलन को और तेज किया जाएगा।
इस दौरान पेंशनर समाज बायतु के अध्यक्ष रणछोड़ काकड़ के नेतृत्व में घमण्डाराम धतरवाल, किशनाराम जीनगर, मोहबतराम पूनड़, श्यामलाल, ताजाराम, रावताराम सारण, अण्डाराम, चेतन राम कड़वासरा, धूड़ाराम माचरा सहित कई पेंशनर व कर्मचारी मौजूद रहे।
