जयपुर।स्मार्ट हलचल|प्रशासनिक सेवा में उच्च पद पर आसीन होने के बाद भी संस्कारों की जड़ें कितनी गहरी होती हैं, इसका भावुक दृश्य तब देखने को मिला जब आईएएस गगन सिंह मीणा ने अपने पूज्य पिताजी को कार्यालय आमंत्रित कर अपनी ही कुर्सी पर बैठाकर सम्मान दिया।कार्यालय में जैसे ही पिता का आगमन हुआ, वातावरण भावनाओं से भर उठा। बेटे ने न सिर्फ पिताजी का माल्यार्पण कर स्वागत किया, बल्कि उन्हें अपनी सीट पर बैठाकर यह संदेश भी दिया कि उनकी सफलता के असली हकदार वही हैं।
गगन सिंह मीणा ने कहा, “आज अपने पिताजी को अपनी सीट पर बैठाने का सौभाग्य मिला। यह मेरे जीवन के सबसे खास पलों में से एक है। उनके त्याग, संघर्ष और संस्कारों की बदौलत ही मैं यहां तक पहुंच पाया हूं।”
कार्यालय में मौजूद अधिकारियों और कर्मचारियों ने भी इस भावुक क्षण की सराहना की। यह दृश्य न सिर्फ एक बेटे की कृतज्ञता का प्रतीक बना, बल्कि समाज को यह संदेश भी दे गया कि ऊंचे पद पर पहुंचने के बाद भी माता-पिता का सम्मान सर्वोपरि होना चाहिए।
यह पल वहां मौजूद हर व्यक्ति के लिए प्रेरणा बन गया।










