मंगरोप।पेट्रोल और डीजल अत्यंत ज्वलनशील पदार्थों की श्रेणी में आते हैं,जिनकी बिक्री केवल लाइसेंसधारी पेट्रोल पंपों पर ही की जा सकती है।इसके बावजूद मंगरोप कस्बे सहित आसपास के कई ग्रामीण क्षेत्रों में परचूनी दुकानों पर खुलेआम पेट्रोल-डीजल बेचा जा रहा है।कस्बे में एक-दो नहीं बल्कि एक दर्जन से अधिक स्थानों पर बोतलों और डिब्बों में पेट्रोल की धड़ल्ले से बिक्री की जा रही है,जिससे कभी भी बड़ा हादसा होने की आशंका बनी हुई है।जानकारी के अनुसार कई छोटी दुकानों पर पेट्रोल प्लास्टिक की बोतलों और कैनों में भरकर बेचा जा रहा है।इन दुकानों के आसपास आवासीय क्षेत्र होने के कारण आग लगने या विस्फोट जैसी घटना होने पर बड़ा नुकसान हो सकता है।स्थानीय लोगों का कहना है कि इस अवैध बिक्री की जानकारी पुलिस और प्रशासन को भी है,लेकिन इसके बावजूद कोई ठोस कार्रवाई नहीं की जा रही है।गौरतलब है कि पूर्व में कस्बे के माता के मंड के समीप स्थित एक खेत में डीजल के बड़े भंडारण में भीषण आग लगने की घटना सामने आ चुकी है,जिसमें बड़ा हादसा होते-होते टल गया था।इस घटना के बाद भी प्रशासन ने सबक नहीं लिया और कस्बे में खुलेआम हो रही पेट्रोल-डीजल की बिक्री पर अंकुश लगाने के लिए प्रभावी कदम नहीं उठाए गए।स्थानीय नागरिकों का कहना है कि ज्वलनशील पदार्थों की इस तरह खुले में बिक्री न केवल कानून के खिलाफ है बल्कि आमजन की सुरक्षा के लिए भी गंभीर खतरा है।यदि समय रहते प्रशासन ने सख्त कार्रवाई नहीं की तो किसी भी दिन बड़ी दुर्घटना हो सकती है।
लोगों ने जिला प्रशासन और पुलिस से मांग की है कि कस्बे में अवैध रूप से पेट्रोल-डीजल बेचने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाए और इस खतरनाक कारोबार पर तुरंत रोक लगाई जाए,ताकि संभावित हादसों से बचा जा सके।
