नौ दिन पहले हुई दुर्घटना मे पुलिस द्वारा आरोपी की तलाश नही करने और उचित कार्रवाई नही करने से परेशान होकर किया प्रदर्शन
संजय चौरसिया
हरनावदाशाहजी (बारां)स्मार्ट हलचल।कस्बे के मनोहरथाना रोड पर हुए सड़क हादसे में घायल युवक की मौत के बाद क्षेत्र में भारी आक्रोश फैल गया। रविवार को तपती दोपहर में परिजनों और सैकड़ों ग्रामीणों ने हरनावदाशाहजी थाने के मुख्य गेट पर शव रखकर जोरदार प्रदर्शन किया और पुलिस प्रशासन के खिलाफ जमकर नारेबाजी की।
जानकारी के अनुसार अर्जुनपुरा (थाना जावर, जिला झालावाड़) निवासी राकेश मीणा 19 जून को हरनावदाशाहजी से अपने गांव लौट रहा था। इसी दौरान मनोहरथाना रोड स्थित धर्मकांटा के पास एक तेज रफ्तार अज्ञात ट्रैक्टर ने उसकी मोटरसाइकिल को टक्कर मार दी, जिससे वह गंभीर रूप से घायल हो गया।
घायल राकेश को पहले हरनावदाशाहजी अस्पताल लाया गया, जहां से हालत गंभीर होने पर उसे कोटा रेफर किया गया। कोटा के एक निजी अस्पताल में इलाज के दौरान 27 जून शनिवार शाम को उसकी मौत हो गई।
घटना के बाद 28 जून रविवार को आक्रोशित ग्रामीणों ने थाने के सामने शव रखकर उग्र प्रदर्शन किया। ग्रामीणों का आरोप है कि हादसे के 9 दिन बीत जाने के बावजूद पुलिस आरोपी ट्रैक्टर और चालक की पहचान तक नहीं कर पाई है। जबकि घटना का सीसीटीवी फुटेज भी सामने आ चुका है, जिसमें ट्रैक्टर-ट्रॉली स्पष्ट रूप से दिखाई दे रही है। इसके बावजूद कार्रवाई नहीं होने से लोगों में भारी रोष व्याप्त है।
करीब तीन घंटे तक चले इस प्रदर्शन के दौरान ग्रामीणों ने दोपहर 1 बजे से शाम 4 बजे तक थाने का घेराव कर रखा और लगातार नारेबाजी करते हुए न्याय की मांग करते रहे।
प्रदर्शन के दौरान परिजनों और ग्रामीणों ने कई मांगें रखीं, जिनमें आरोपी ट्रैक्टर और चालक की तत्काल गिरफ्तारी, दोषी के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई, मृतक के परिवार को उचित आर्थिक सहायता, आश्रित को संविदा पर नौकरी तथा लापरवाही बरतने वाले पुलिसकर्मियों पर कार्रवाई शामिल हैं।
बताया गया है कि मृतक राकेश मीणा असनावर क्षेत्र की एक ग्राम पंचायत में पंचायत सहायक के पद पर कार्यरत था। उसका एक बेटा अध्ययनरत है। उसकी असमय मौत के बाद परिवार पर आर्थिक संकट गहरा गया है।
प्रदर्शन के दौरान मृतक राकेश के परिजनों और ग्रामीणों के साथ युवा नेता नरेश मीणा, अकलेरा से नेमीचंद मीणा सहित अन्य जनप्रतिनिधि भी मौजूद रहे और उन्होंने भी पीड़ित परिवार को न्याय दिलाने की मांग का समर्थन किया।
स्थिति उस समय नियंत्रित हुई जब मौके पर पहुंचे छबड़ा डिप्टी ताराचंद वर्मा और छीपाबड़ौद एसडीएम अभिमन्यु सिंह कुंतल ने परिजनों व ग्रामीणों से समझाइश कर उचित कार्रवाई का भरोसा दिलाया। अधिकारियों के आश्वासन के बाद परिजन मान गए और प्रदर्शन समाप्त किया गया।
मौके पर नायब तहसीलदार राधेश्याम लववंशी, हरनावदाशाहजी सीआई दीनदयाल वैष्णव सहित छीपाबड़ौद व सारथल थानों का पुलिस जाब्ता मौजूद रहा। इस दौरान बड़ी संख्या में ग्रामीणों और जनप्रतिनिधियों ने पुलिस की कार्यप्रणाली पर नाराजगी जताई।
घटना के बाद क्षेत्र में अब भी आक्रोश का माहौल बना हुआ है और लोग जल्द से जल्द कार्रवाई की मांग कर रहे हैं।
