भीलवाड़ा 28 जनवरी 2026 । वर्तमान सूचना प्रौद्योगिकी के युग में पुस्तकालयों को अपने कार्यक्षेत्र का विस्तार करते हुए सूचना विस्फोट के माहौल में सूचनाओं के सुव्यवस्थित प्रबंधन का दायित्व निभाने की आवश्यकता है ताकि प्रामाणिक सूचना सही समय पर सुव्यवस्थित प्रारुप में उपलब्ध हो सके।यह विचार संगम विश्वविद्यालय के प्रति कुलपति प्रो. मानस रंजन पाणिगृहि ने इस विश्वविद्यालय में आज 28 जनवरी से आयोजित दो दिवसीय आमुखीकरण कार्यशाला के उद्घाटन सत्र में मुख्य अतिथि उद्बोधन में व्यक्त किये। इस अवसर पर कार्यक्रम की अध्यक्षता कर रहे सामाजिक एवं मानविकी संकाय के अधिष्ठाता प्रो. राजीव मेहता ने कहा कि पुस्तकालयों को बदलते परिवेश में नवीन क्षेत्रों में पहुंच बनाकर अपनी उपयोगिता प्रामाणित करने की आवश्यकता है। विशिष्ठ अतिथि पुस्तकालय एवं सूचना विभाग के विभागाध्यक्ष डा.अनिल शर्मा ने पुस्तकालयों में तकनीक आधारित शैक्षणिक संसाधनों के प्रबंधन को प्रोत्साहित करने पर बल दिया है। मुख्य वक्ता डा.अरविन्द शर्मा,लाईब्रेरियन आई.आई.एम. उदयपुर ने कहा कि पुस्तकालयों में प्रोफेशनल उपाधि के साथ ही तकनीकी दक्ष कर्मचारियों की मांग तेजी से बढ़ रही है। संचालन पूर्णिमा पारीक ने किया तथा धन्यवाद युवराज भट्ट ने दिया।













