Homeभीलवाड़ासंगम विश्वविद्यालय में पुस्तकालय प्रबंधन पर आमुखीकरण कार्यशाला का समापन

संगम विश्वविद्यालय में पुस्तकालय प्रबंधन पर आमुखीकरण कार्यशाला का समापन

भीलवाड़ा । पुस्तकालय संसाधनों का डिजिटाईजेशन होने तथा संचार तकनीक के माध्यम से इनकी आसान उपलब्धता से पुस्तकालय का महत्व कम नहीं हुआ है, बल्कि इस नवीन चुनौती के साथ ही सूचना प्रौद्योगिकी क्षेत्र के नवीन अवसर उपलब्ध हुए है!जिनमें युवाओं के सुनहरे भविष्य की अपार संभावनाएं है। यह विचार संगम विश्वविद्यालय के कुलसचिव डा- आलोक कुमार ने दो दिवसीय आमुखीकरण कार्यशाला के समापन सत्र में आज 29 जनवरी को मुख्य अतिथि उद्बोधन में व्यक्त किये। अधिष्ठाता प्रो. राजीव मेहता ने कहा कि पुस्तकालय विश्वविद्यालय का हृदय स्थल होता है जो कि सभी विषयों में ज्ञान रक्त प्रवाहित करता है। इसका स्वस्थ रहना संस्थान की श्रेष्ठता के लिए आवश्यक है। विशिष्ठ अतिथि पुस्तकालय एवं सूचना विभाग के विभागाध्यक्ष डा. अनिल शर्मा ने पुस्तकालय विज्ञान के क्षेत्र के तकनीकी आधारित नवाचारों को प्राथमिकता से अपनाने पर बल दिया। मुख्य वक्ता डा.विजेन्द्र कुमार,असिस्टेंट प्रोफेसर, राजस्थान विश्वविद्यालय जयपुर ने कहा कि पुस्तकालय क्षेत्र में रोजगार की अपार संभावनाएं है। विशिष्ठ अतिथि डा.अमित जैन डिप्टी डायरेक्टर एडमिशन ने कहा कि संगम विश्वविद्यालय के विद्याथियों की व्यावसायिक क्षेत्र में बढ़ती मांग एवं नियुक्तियों को देखते हुए यहां की प्रवेश प्रक्रिया को आसान बनाया जा रहा है। संचालन पूर्णिमा पारीक ने किया तथा धन्यवाद युवराज भट्ट ने दिया।

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