जयपुर, 11 अप्रैल: स्मार्ट हलचल|राजस्थान भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो (ACB) ने आज राज्य में भ्रष्टाचार के खिलाफ एक ऐतिहासिक और अब तक की सबसे बड़ी कार्रवाई को अंजाम दिया है। ब्यूरो ने जयपुर में कार्यरत सार्वजनिक निर्माण विभाग (PWD) के एक अधिशासी अभियंता (एक्सईएन) और एक दलाल को 33 लाख रुपये की भारी रिश्वत राशि लेते हुए रंगे हाथों गिरफ्तार किया है। यह कार्रवाई राजस्थान पुलिस के इतिहास में भ्रष्टाचार के मामले में सबसे बड़ी ट्रैप राशियों में से एक मानी जा रही है।
घटना का विवरण:
ACB के महानिदेशक (DG) ने बताया कि ब्यूरो के जयपुर मुख्यालय को एक ठेकेदार द्वारा शिकायत दर्ज कराई गई थी। शिकायतकर्ता ने आरोप लगाया कि उसके द्वारा पूर्ण किए गए सड़क निर्माण कार्यों के बिल पास करने और भविष्य के टेंडरों में मदद करने के बदले PWD के अधिशासी अभियंता [काल्पनिक नाम: राजेश वर्मा] और उनके कथित दलाल [काल्पनिक नाम: सुरेश सिंह] लगातार भारी कमीशन की मांग कर रहे थे।
शिकायत के अनुसार, अधिकारियों ने कुल बिल राशि का एक निश्चित प्रतिशत रिश्वत के रूप में मांगा था। प्रारंभिक सत्यापन में शिकायत सही पाए जाने के बाद, ACB ने एक टीम गठित की। एसीबी के अतिरिक्त महानिदेशक के सुपरविजन में पूरी रणनीति तैयार की गई।
जाल और गिरफ्तारी:
आज, योजना के अनुसार, दलाल सुरेश सिंह को शिकायतकर्ता ठेकेदार से जयपुर के एक पॉश इलाके में स्थित एक अपार्टमेंट में मिलने के लिए कहा गया था, जहां अधिशासी अभियंता भी मौजूद थे। शिकायतकर्ता ने जैसे ही अधिकारियों को 33 लाख रुपये नकद दिए, वहां पहले से ही तैनात ACB की विशेष टीम ने दबिश दी और दोनों को रंगे हाथों पकड़ लिया।
बरामद की गई राशि 500 और 2000 रुपये के नोटों में थी, जिसे गिनने के लिए ACB टीम को काफी समय लगा।
तलाशी और बरामदगी:
गिरफ्तारी के तुरंत बाद, ACB की टीमों ने गिरफ्तार अभियंता और दलाल के घर, कार्यालय और अन्य ठिकानों पर तलाशी अभियान शुरू कर दिया। प्रारंभिक तलाशी में कई बैंक खातों के विवरण, लॉकर की चाबियां, बेनामी संपत्ति के दस्तावेज और अन्य आपत्तिजनक दस्तावेज बरामद हुए हैं। अधिकारी बरामद की गई अतिरिक्त संपत्ति और निवेशों का आकलन कर रहे हैं। सूत्रों के अनुसार, बेहिसाब संपत्ति मिलने की पूरी संभावना है।
अधिकारी का बयान:
ACB के डीजी ने एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में कहा, “यह भ्रष्टाचार पर एक बड़ा प्रहार है। 33 लाख रुपये की रिश्वत राशि एक बहुत बड़ी रकम है, जो यह दर्शाती है कि कुछ सरकारी अधिकारी किस कदर जनता के पैसे का दुरुपयोग कर रहे थे। हम भ्रष्टाचार के खिलाफ ‘जीरो टॉलरेंस’ की नीति पर काम कर रहे हैं। किसी भी दोषी को बख्शा नहीं जाएगा, चाहे उसका पद कितना भी बड़ा क्यों न हो।”
राजनीतिक और सामाजिक प्रतिक्रिया:
इस कार्रवाई के बाद प्रशासनिक हलकों में हड़कंप मच गया है। सरकार ने मामले को गंभीरता से लेते हुए गिरफ्तार अभियंता को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया है। PWD मंत्री ने भी विभाग के अन्य अधिकारियों को सख्त चेतावनी जारी की है।
इस घटना ने एक बार फिर सरकारी तंत्र में व्याप्त भ्रष्टाचार और ठेकेदारी प्रथा में पारदर्शिता की कमी पर सवाल खड़े कर दिए हैं। विपक्ष ने इस मामले में और भी बड़े अधिकारियों की संलिप्तता की आशंका जताते हुए निष्पक्ष जांच की मांग की है।
आगे की कार्यवाही:
गिरफ्तार किए गए दोनों आरोपियों को कल सुबह जयपुर की विशेष एसीबी कोर्ट में पेश किया जाएगा, जहां ACB उनकी रिमांड की मांग करेगी ताकि उनसे विस्तार से पूछताछ की जा सके और उनके पूरे नेटवर्क का खुलासा किया जा सके। उनकी संपत्ति की जांच और आय के ज्ञात स्रोतों से अधिक संपत्ति के मामले में भी आगे की कानूनी कार्यवाही की जाएगी।
