श्यामगढ़-टहला मुख्य सड़क पर अंग्रेजी बबूल का अतिक्रमण: दृश्यता घटी, हादसों का खतरा बढ़ा
टहला झोपड़ा से टहला राजकीय उच्च माध्यमिक विद्यालय तक के खिंचे इस मार्ग पर स्थानीय किसानों ने देखा-देखी में सड़क के दोनों ओर बाड़ेबंदी कर ली है। सड़क की पट्टी को भी नजरअंदाज कर खेतों की सीमाएं बढ़ा दी गईं हैं, जिससे वाहनों के लिए जगह तंग हो गई। ग्रामीणों का कहना है कि अंग्रेजी बबूल की घनी झाड़ियां सामने से आते वाहनों को छिपा देती हैं, जबकि साइनबोर्डों की कमी से मोड़ों पर खतरा और बढ़ जाता है। “पिछले साल ही यहां एक हादसा हुआ था, लेकिन अतिक्रमणकारियों में कोई डर नहीं,” एक स्थानीय निवासी ने नाराजगी जाहिर की।

श्यामगढ़ से टहला, फूल जी की खेड़ी तक फैले इस अतिक्रमण ने सड़क की सुरक्षा को खतरे में डाल दिया है। वाहन चालकों को रास्ता साफ देखने के लिए जोखिम भरा ड्राइविंग करनी पड़ रही है, जबकि पंचायत अधिकारी इसकी अनदेखी कर रहे हैं। ग्रामीणों का रोष बढ़ता जा रहा है, क्योंकि इस सड़क से दर्जनों गांवों के लोग रोजाना आवागमन करते हैं। विशेषज्ञों का मानना है कि बिना समयबद्ध कार्रवाई के यह समस्या और गंभीर हो सकती है।
- बबूल की कटाई-छंटाई: सड़क किनारों पर फैली कंटीली झाड़ियों को तुरंत हटाकर दृश्यता बहाल की जाए।
- साफ-सफाई अभियान: मुख्य सड़क के दोनों ओर पट्टी को साफ कर अतिक्रमण हटाया जाए, ताकि वाहन सुरक्षित निकल सकें।
- सुरक्षा उपाय: साइनबोर्ड, रिफ्लेक्टर और चेतावनी संकेत लगाए जाएं, विशेष रूप से मोड़ों और स्कूल के पास।
ग्रामीणों ने चेतावनी दी है कि यदि शीघ्र कार्रवाई नहीं हुई, तो वे उच्चाधिकारियों तक पहुंचेंगे। पंचायत समिति और लोक निर्माण विभाग से तत्काल हस्तक्षेप की अपेक्षा की जा रही है, ताकि सड़क पर यातायात सुगम और सुरक्षित हो सके।













