शिवराज बारवाल मीना
टोंक । स्मार्ट हलचल|जिले के पीपलू उपखण्ड क्षेत्र में लोक स्वास्थ्य अभियांत्रिकी विभाग (पीएचईडी) की कार्यप्रणाली को लेकर गंभीर आरोप सामने आए हैं। विभाग में लंबे समय से कार्यरत सुपरवाइजर एवं हेल्पर को हटाकर अन्य कर्मचारियों को लगाए जाने के बाद स्थानीय कार्मिकों में भारी नाराजगी व्याप्त है।
——– स्थानीय कार्मिकों को हटाने का आरोप ——-
कर्मचारियों का कहना है कि वर्षों से कार्य कर रहे अनुभवी सुपरवाइजर व हेल्पर को बिना स्पष्ट कारण हटाया गया।
——- बाहरी नियुक्तियों पर सवाल ——-
दावा किया गया है कि बाहर से लाए गए सुपरवाइजर एवं हेल्पर को प्राथमिकता दी गई, जिससे स्थानीय कर्मचारियों में असंतोष बढ़ा है।
——- कामकाज प्रभावित होने की बात ——-
कार्मिकों के अनुसार अचानक बदलाव से विभागीय कार्यप्रणाली प्रभावित हुई है और समन्वय में कमी आई है।
——- मिलीभगत के आरोप ——-
कथित रूप से विभाग के कुछ अधिकारियों व इंजीनियरों पर आपसी मिलीभगत से मनमाने निर्णय लेने के आरोप लगाए गए हैं।
——– प्रमोशन में वंचित करने का दावा ——
कुछ कर्मचारियों ने आरोप लगाया कि योग्य कार्मिकों को पदोन्नति से भी वंचित रखा गया।
——– 160 गांवों की जलापूर्ति पर असर ——
स्थानीय कर्मचारियों का कहना है कि इस अव्यवस्था का सीधा असर क्षेत्र के लगभग 160 गांवों की जलापूर्ति व्यवस्था पर पड़ रहा है।
——— निष्पक्ष जांच की मांग ——-
कार्मिकों ने नियुक्ति व हटाने की पूरी प्रक्रिया की निष्पक्ष जांच कर जिम्मेदार अधिकारियों पर सख्त कार्रवाई की मांग की है।
फिलहाल विभागीय स्तर पर इस संबंध में कोई आधिकारिक बयान सामने नहीं आया है। कर्मचारियों का कहना है कि यदि शीघ्र समाधान नहीं हुआ तो वे उच्च अधिकारियों से शिकायत करने पर विचार करेंगे।










