रायपुर सीएचसी की जाँच लैब पर गंभीर सवाल, मरीजों ने उठाई तत्काल कार्रवाई की मांग

रायपुर (भीलवाड़ा):स्मार्ट हलहल|राज्य के सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (सीएचसी) रायपुर की जाँच लैब में मरीजों को लगातार परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। स्थानीय लोगों और मरीजों का आरोप है कि छोटी-छोटी जाँचों की रिपोर्ट, जो कुछ ही मिनटों में तैयार हो सकती है, उसके लिए भी मरीजों को अगले दिन आने के लिए कहा जाता है।मरीजों का कहना है कि कई बार गर्भवती (डिलीवरी) महिलाओं, बुजुर्गों और गंभीर मरीजों को भी 1 दिन का इंतजार करना पड़ता है। आरोप है कि स्टाफ द्वारा अक्सर “कल आना, रिपोर्ट कल मिलेगी” कहकर वापस भेज दिया जाता है, जिससे दूर-दराज से आने वाले मरीजों को भारी परेशानी उठानी पड़ती है।

स्थानीय लोगों का यह भी कहना है लैब में 105 प्रकार की जांच होनी थी लेकिन अभी तक यह सारी जांच नहीं हो पा रही है जो पहले जांच हुआ करती थी वही हो रही है 105 जांच पूरी तरीके से अस्पताल में नहीं हो रही है सैंपल को पैक करके किसी और लैब में जांच के लिए भेज दिया जाता है और उसकी रिपोर्ट कल तक आती है जिससे मरीज का काफी नुकसान होता है और उनको कई परेशानियों का सामना करना पड़ता है जिससे स्थानीय लोगों में आक्रोश का माहौल बना हुआ है और लैब में बैठने की समुचित व्यवस्था नहीं है। परिसर में रखा फ्रिज बिजली कनेक्शन और पिन के अभाव में बंद पड़ा है,जिससे मरीजों को ठंडा पानी तक उपलब्ध नहीं हो पाता।लैब के बाहर मरीज के लिए पंखे की कोई व्यवस्थाएं नहीं है अभी तक 4 से 5 महीने हो चुके हैं लेकिन अभी तक कोई सुविधा नहीं की गई है

मरीजों और स्थानीय नागरिकों ने स्वास्थ्य विभाग एवं जिला प्रशासन से मांग की है कि मामले की तत्काल निष्पक्ष जांच कराई जाए। यदि जांच में किसी कर्मचारी या अधिकारी की लापरवाही सामने आती है, तो उनके विरुद्ध सख्त कार्रवाई की जाए और जाँच लैब की व्यवस्थाओं में तुरंत सुधार किया जाए, ताकि गर्भवती महिलाओं, बुजुर्गों और अन्य मरीजों को समय पर इलाज और रिपोर्ट मिल सके।