स्मार्ट हलचल|उदयपुर जिले में चल रही नागरिक सुरक्षा (सिविल डिफेंस) मास्टर ट्रेनिंग को लेकर विवाद खड़ा हो गया है। 360 मास्टर ट्रेनरों की चयन सूची में अनियमितता के आरोप लगाते हुए स्वयंसेवकों ने जिला कलेक्टर को ज्ञापन सौंपा है और पूरे मामले की निष्पक्ष जांच की मांग की है।
जानकारी के अनुसार 8 फरवरी 2026 से 17 फरवरी 2026 तक 31 दिवसीय सेवा एवं बुनियादी प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित किया गया था। प्रशिक्षण का समापन 17 फरवरी को किया गया। इसके बाद 19 फरवरी 2026 से 7 दिवसीय नागरिक सुरक्षा मास्टर ट्रेनिंग कार्यक्रम शुरू किया गया, जिसमें पुराने स्वयंसेवकों और वार्डनों को शामिल किया जाना था।
शिकायतकर्ताओं का आरोप है कि 360 मास्टर ट्रेनरों की सूची पहले से ही तैयार कर ली गई थी। चयन प्रक्रिया में पारदर्शिता नहीं बरती गई और कुछ कर्मचारियों ने अपने चहेते लोगों को शामिल करने के उद्देश्य से सूची तैयार की। इससे योग्य और मेहनती स्वयंसेवकों को मौका नहीं मिल पाया।
ज्ञापन में कहा गया है कि कई ऐसे प्रशिक्षणार्थी, जिन्होंने बुनियादी प्रशिक्षण में बेहतर प्रदर्शन किया और एचसीसी स्काउट सहित अन्य प्रमाणपत्र प्राप्त किए, उन्हें चयन सूची में स्थान नहीं दिया गया। वहीं, कथित रूप से कम योग्य लोगों को सूची में शामिल कर लिया गया।
स्वयंसेवकों का यह भी कहना है कि जब उन्होंने चयन प्रक्रिया के बारे में जानकारी लेनी चाही तो उन्हें संतोषजनक जवाब नहीं दिया गया। कुछ को ड्यूटी से हटाने और नोटिस देने की चेतावनी भी दी गई, जिससे स्वयंसेवकों में नाराजगी फैल गई।
शिकायत में मांग की गई है कि 360 मास्टर ट्रेनरों की सूची पर तत्काल रोक लगाई जाए और पूरे मामले की निष्पक्ष जांच करवाई जाए। साथ ही पात्र और योग्य अभ्यर्थियों को मौका देते हुए चयन प्रक्रिया को पारदर्शी तरीके से दोबारा आयोजित किया जाए।
फिलहाल प्रशासन की ओर से इस मामले में कोई आधिकारिक बयान सामने नहीं आया है। यदि जांच के आदेश जारी होते हैं तो नागरिक सुरक्षा मास्टर ट्रेनिंग की चयन प्रक्रिया में पारदर्शिता को लेकर स्थिति स्पष्ट हो सकेगी।










