काछोला 19 फरवरी- स्मार्ट हलचल| कस्बे सहित तहसील क्षेत्र में बेमौसम बारिश और ओलावृष्टि से किसानों की फसलें तबाह हो गई हैं। तैयार खड़ी अफीम, गेहूं और सरसों की फसलों को भारी नुकसान हुआ है। इस प्राकृतिक आपदा के कारण किसानों को लाखों रुपये का आर्थिक नुकसान झेलना पड़ रहा है।किसानों के अनुसार, अफीम की फसल इस समय महत्वपूर्ण चरण में थी। चीरा लगाने के बाद डोड़ों से निकलने वाला अफीम का दूध तेज बारिश के कारण बह गया। आसमान में छाए बादल और नमी पहले से ही अफीम उत्पादन को प्रभावित कर रहे थे, लेकिन मूसलाधार बारिश ने स्थिति और बिगाड़ दी।
बारिश के साथ चली तेज हवाओं से खेतों में खड़ी गेहूं, जौ और सरसों की फसलें गिर गईं। जिन किसानों ने फसल काटकर सूखने के लिए खेतों में छोड़ी थी, वह बारिश में भीगकर काली पड़ गई है और खराब होने लगी है। नाहरगढ क्षेत्र में हुई ओलावृष्टि से फसलों के साथ पशुओं के चारे को भी भारी क्षति पहुंची है।
क्षेत्र के किसानों ने बताया कि मौसम के इस बदलाव ने उनकी आर्थिक स्थिति को गंभीर रूप से प्रभावित किया है। अफीम उत्पादन के लिए प्रतिकूल मौसम और बेमौसम बारिश ने उन्हें बर्बादी के कगार पर ला दिया है। प्रभावित किसान अब सरकार और प्रशासन से उचित गिरदावरी करवाकर मुआवजे की मांग कर रहे हैं।










