समर्थ कुमार सक्सेना
लखनऊ।स्मार्ट हलचल|हिंदुस्तान हस्तशिल्प महोत्सव की सांस्कृतिक संध्या में रागी द्विवेदी के कथक ने समा बांधा, जबकि डांडिया नृत्य ने दर्शकों को मंत्रमुग्ध कर दिया। कार्यक्रम का शुभारंभ आयोजक अरुण प्रताप सिंह, गुंजन वर्मा, रनवीर सिंह और हेमू चौरसिया ने दीप प्रज्जवलित कर किया ¹।
कार्यक्रम के मुख्य आकर्षण:
– कवि सम्मेलन: रेवांत पत्रिका की ओर से एक शाम कविता के नाम का आयोजन हुआ, जिसमें डॉ शोभा दीक्षित भावना, डॉ अनीता श्रीवास्तव, आत्म प्रकाश मिश्र, अलका अस्थाना, मधु पाठक, वर्षा श्रीवास्तव, मंजू श्रीवास्तव, राजा मुदस्सर, उमा लखनवी, शीला वर्मा, रोली शंकर, नीलम सिंह, अमन दीप, तारिका सिंह, मंजूषा श्रीवास्तव, रवि कांत पांडे, जितेंद्र पाल सिंह, चेन्द्रसर श्रीवास्तव, मीनाक्षी शुक्ला ने अपनी कविताओं से श्रोताओं को आकर्षित किया।
– गायन: नरेंद्र कुमार झा और रोहित कुमार झा ने गीत-सारा जमाना हसीनों का दीवाना… चांद से पर्दा रखें … यम्मा यम्मा नगरा गीत प्रस्तुत कर दर्शकों का मन मोहा।
– नृत्य: वैष्णवी डांस इंस्टीट्यूट द्वारा नेहा वर्मा के नृत्य निर्देशन में दुर्गा कवित (कथक), श्रीराम स्तुति (लोकनृत्य), डांडिया नृत्य, कृष्ण रासलीला, शिव तांडव कथक बॉलीवुड फ्यूजन डांस कलाकार तान्या सक्सेना, वैष्णवी वर्मा, परी वर्मा ने प्रस्तुति दी।
– शिव संस्कृति कला फाउंडेशन: मीठू रॉय के नेतृत्व में आयोजित कार्यक्रम में अवनी रस्तोगी की गणेश वंदना, अध्या ने कृष्ण भजन, शिक्षा अग्रवाल ने देवी स्तुति कथक, रश्मि सिंह ने गिटार वादन, पूजा श्रीवास्तव ने काव्य पाठ एवं रागी, शिवन्या, निमिषा ने कथक प्रस्तुति दी। स्मृति मिश्रा ने भजन से समा बांधा। मीठू रॉय द्वारा नारी शक्ति पे नृत्य नाटिका का मंचन हुआ।
इस दौरान महोत्सव समिति के मोनालिसा, रोली सिंह व मनोज सिंह चौहान, रोली जयसवाल, विवेक उपस्थित रहे। महोत्सव के रंगमंच का संचालन प्रदीप शुक्ला ने किया।


