चकिया में भट्ठी पर मिला गंदगी का अंबार, चार नमूने जांच के लिए भेजे; जेसीबी से 15 कुंतल गुड़ कराया गया नष्ट
खखरेरू/स्मार्ट हलचल|फतेहपुर त्योहारों का सीजन शुरू होते ही मिलावटखोरों के सक्रिय होने की आशंका के बीच खाद्य सुरक्षा एवं औषधि प्रशासन की टीम ने मंगलवार दोपहर खखरेरू थाना क्षेत्र के चकिया गांव में संचालित कथित गुड़ भट्ठी पर छापा मारा। टीम को मौके पर सड़ा-गला गुड़, चीनी का सीरा और गंदगी के बीच गुड़ तैयार किए जाने का सामान मिला। कार्रवाई के दौरान करीब 15 कुंतल संदिग्ध गुड़ मौके पर ही जेसीबी से नष्ट कराया गया। खाद्य सुरक्षा टीम ने चार नमूने लेकर जांच के लिए प्रयोगशाला भेजे हैं।बताया जाता है कि चकिया गांव में पिछले कई महीनों से कथित तौर पर ‘स्पेशल देसी गुड़’ तैयार किया जा रहा था। ग्रामीणों की शिकायत और इस संबंध में प्रकाशित खबरों के बाद खाद्य विभाग की टीम ने भट्ठी पर छापा मारा। टीम के पहुंचते ही वहां अफरा-तफरी मच गई।
खाद्य विभाग के अधिकारियों के अनुसार, मौके पर गुड़ बनाने के लिए इस्तेमाल की जा रही सामग्री की गुणवत्ता संदिग्ध मिली। कड़ाहों में सड़ा-गला गुड़ और चीनी का सीरा पड़ा था। भट्ठी परिसर में जगह-जगह गंदगी का अंबार भी मिला। विभाग ने मौके से चार अलग-अलग नमूने एकत्र किए, जिन्हें जांच के लिए प्रयोगशाला भेजा गया है। जांच रिपोर्ट आने के बाद आगे की कार्रवाई की जाएगी।
खाद्य सुरक्षा टीम के नेतृत्व कर रहे सहायक आयुक्त खाद्य बीरन सिंह कुशवाहा ने बताया कि मौके से चार नमूने लिए गए हैं। संदिग्ध पाए गए करीब 15 कुंतल गुड़ को जेसीबी की मदद से नष्ट कराया गया, ताकि उसकी बिक्री न हो सके। उन्होंने बताया कि प्रयोगशाला से जांच रिपोर्ट प्राप्त होने के बाद नियमानुसार आगे की कार्रवाई की जाएगी।
स्थानीय स्तर पर यह भी आरोप सामने आया है कि तैयार किए जा रहे गुड़ को कथित तौर पर गत्तों में पैक कर आसपास के बाजारों में ‘स्पेशल देसी गुड़’ के नाम से बिक्री के लिए भेजा जाता था। भट्ठी का संचालन बृजेश कुमार केसरवानी पुत्र चिरौंजी लाल, निवासी सराय अकिल, कौशांबी द्वारा किए जाने की जानकारी दी गई है। हालांकि इन आरोपों की वास्तविकता खाद्य विभाग की जांच और नमूनों की प्रयोगशाला रिपोर्ट के बाद ही स्पष्ट होगी।
चकिया गांव में कथित मिलावटी गुड़ तैयार किए जाने को लेकर स्थानीय स्तर पर पहले से सवाल उठ रहे थे। ‘कड़ाहों में उबलता मीठा जहर’ शीर्षक से प्रकाशित खबर के बाद खाद्य विभाग की कार्रवाई ने मामले को और गंभीर बना दिया है। अब सबसे बड़ा सवाल यह है कि यदि जांच में नमूने मानकों के विपरीत पाए जाते हैं तो इतने दिनों से चल रहे इस कारोबार पर जिम्मेदारी किसकी तय होगी और बाजार में पहुंच चुके कथित मिलावटी गुड़ की बिक्री पर विभाग क्या कार्रवाई करेगा।
छापेमारी के दौरान एफएसओ धीरज कुमार दीक्षित, एफएसओ गणेश चंद्र, एफएसओ देवेश कुमार मिश्रा समेत पुलिस बल मौजूद रहा।