सुनील बाजपेई
कानपुर। स्मार्ट हलचल|यहां लगातार हुई बरसात ने जन जीवन को अस्त व्यस्त करने के साथ ही उद्योग और बाजारों को भी करोड़ों का नुक्सान पहुंचाया है। इस बरसात से उसे करीब 500 करोड़ रुपये की चपत लगने का अनुमान है। इस लगातार बारिश के चलते औद्योगिक क्षेत्रों में पानी भरने, कर्मचारियों के नहीं पहुंचने और बिजली की ट्रिपिंग से करीब 200 से ज्यादा इकाइयों में उत्पादन ठप रहा। साथ ही थोक और फुटकर बाजारों में भी ग्राहकों की संख्या नगण्य दिखाई पड़ी। इससे कपड़ा, किराना, सराफा, लोहा, मेवा, सब्जी और ऑटोमोबाइल कारोबार भी बुरी तरह से प्राभावित हुआ है। इन हालातों के फलस्वरुप सैंकड़ों मजदूरों भूखों मरने की भी नौबत रही। इनमें सर्वाधिक संख्या उनकी है जो प्रतिदिन मेहनत मजदूरी करके अपने परिवार का पेट पालते हैं।
अवगत कराते चलें कि दादानगर, पनकी साइट एक से पांच, फजलगंज, इस्पातनगर और व्यापारनगर में करीब 10 हजार इकाइयां और प्रतिष्ठान हैं। बारिश से कई इकाइयों में पानी भर गया था। यहां करीब 200 से ज्यादा इकाइयों में माल खराब हुआ। कई इकाइयों में 50 फीसदी से कम कर्मचारी और श्रमिक पहुंचे, जिससे उत्पादन 75 फीसदी तक प्रभावित रहा। उद्योगों को 150 करोड़ रुपये से अधिक का नुकसान बताया गया है। उधर, इस्पातनगर-व्यापार नगर में सड़कें दलदल में बदल गईं। ट्रांसपोर्टनगर में गोदामों में पानी भरने से माल खराब हुआ। हजारों ट्रकों की लोडिंग-अनलोडिंग और सब्जी, फल, किराना, मेवा, कपड़ा व लोहे के ट्रकों का भी संचालन नहीं हो पाया. जिससे करीब 20 करोड़ का नुकसान होने का अनुमान लगाया गया है।