राकेश मीणा
जोधपुर।स्मार्ट हलचल| राजस्थान में नशे के खिलाफ अब सिर्फ कार्रवाई नहीं, बल्कि सीधी जंग चल रही है—और इस जंग में राजस्थान देशभर में टॉप पर आ चुका है। नारकोटिक्स कंट्रोल ब्यूरो (एनसीबी) ने जोधपुर में एमडी ड्रग्स के एक बड़े और संगठित नेटवर्क पर ऐसा प्रहार किया, जिससे तस्करों में हड़कंप मच गया।*
*यह हाई-प्रोफाइल ऑपरेशन एनसीबी राजस्थान हेड घनश्याम सोनी के नेतृत्व में अंजाम दिया गया। टीम ने जेडीए सर्किल के पास पीडब्ल्यूडी रोड पर नाकाबंदी कर बाइक सवार युवकों को रोका और तलाशी के दौरान 40 लाख रुपए कीमत की एक किलो एमडी ड्रग्स बरामद की। मौके से चार तस्करों को गिरफ्तार किया गया, जबकि दो सप्लायर भी शिकंजे में आ चुके हैं।*
*युवाओं को निशाना बना रहा था नशे का नेटवर्क पूछताछ में खुलासा हुआ कि यह गिरोह शहर के कॉलेज क्षेत्रों और भीड़भाड़ वाले इलाकों में एमडी ड्रग्स की सप्लाई कर रहा था*
*ड्रग्स को छोटी पुड़ियों में पैक कर युवाओं तक पहुंचाया जा रहा था। मुनाफे के लालच में यह गिरोह पूरी पीढ़ी को बर्बाद करने पर तुला था।*
*दो अलग-अलग लैब, संगठित साजिश जांच में सामने आया कि जब्त एमडी ड्रग्स दो अलग-अलग अवैध लैब में तैयार की गई थी।*
निर्माण, पैकेजिंग और सप्लाई—सब कुछ* *प्लानिंग के साथ किया जा रहा था। एनसीबी अब लैब ऑपरेटरों और फाइनेंसरों तक पहुंचने में जुटी है।*
*राज्य से बाहर तक फैला था जाल सूत्रों का कहना है कि इस नेटवर्क की जड़ें राज्य से बाहर तक फैली हुई हैं। जोधपुर महज एक लिंक था।*
*एनसीबी की टीमें अब जिला, संभाग और अंतरराज्यीय कनेक्शन खंगाल रही हैं।*
*घनश्याम सोनी का सख्त संदेश एनसीबी राजस्थान हेड घनश्याम सोनी ने दो टूक कहा—*
*“नशे का कारोबार करने वालों के लिए राजस्थान अब सुरक्षित ठिकाना नहीं है। हर नेटवर्क को जड़ से खत्म किया जाएगा।”*
*और बड़ी कार्रवाई तय
एनसीबी ने साफ कर दिया है कि यह शुरुआत भर है। पूछताछ के आधार पर ड्रग्स माफिया, सप्लायर और लैब संचालकों पर आने वाले दिनों में और बड़े एक्शन तय हैं।*













