मदन मोहन भास्कर
स्मार्ट हलचल|राजस्थान सरकार ने वरिष्ठ आईएएस अधिकारी वी. श्रीनिवास को राज्य का नया मुख्य सचिव नियुक्त किया गया है। कार्मिक विभाग के संयुक्त शासन सचिव डॉ. धीरज कुमार सिंह ने राज्यपाल की आज्ञा से रविवार को मुख्य सचिव की नियुक्ति के आदेश जारी कर दिये है ।जो सुधांश पंत के स्थान पर आज पदभार संभालेंगे। उनकी मजबूत प्रशासनिक पकड़, संवेदनशील निर्णय क्षमता और केंद्र-राज्य दोनों स्तरों पर सिद्ध कार्यशैली के लिए जाना जाता है। कार्मिक विभाग जैसी अत्यंत महत्वपूर्ण जिम्मेदारी का दायित्व मिलना उनके लंबे अनुभव और नेतृत्व क्षमता को दर्शाता है। मुख्य सचिव सुधांश पंत के रिलीव होने के साथ ही श्रीनिवास आज पद संभालेंगे। श्रीनिवास पिछले सात साल से केंद्रीय डेपुटेशन पर थे। उन्हें शुक्रवार शाम को ही केंद्रीय डेपुटेशन से राजस्थान के लिए रिलीव किया गया था। वे रिलीव होने से पहले केंद्रीय प्रशासनिक सुधार, लोक शिकायत,पेंशन्स और पेंशनर्स कल्याण विभाग से के सचिव थे। नए मुख्य सचिव बनाए गए वी श्रीनिवास सितंबर 2026 तक पद पर रहेंगे। नए मुख्य सचिव की नियुक्ति के बाद अब जल्द प्रशासनिक फेरबदल की संभावना है। आईएएस अफसरों के बड़ी संख्या में तबादले होने तय हैं, इसके लिए पहले से तैयारियां हो चुकी हैं।
जन्म-
वी. श्रीनिवास का जन्म 01 सितम्बर 1966 को विशाखापट्टनम,आंध्र प्रदेश में हुआ था। इन्होंने हैदराबाद के ओस्मानिया विश्वविद्यालय के कॉलेज ऑफ टेक्नोलॉजी से केमिकल इंजीनियरिंग में बी.टेक और एम.टेक पूरा किया। दोनों डिग्रियां इन्होंने प्रथम स्थान के साथ हासिल की। जो उनकी मेहनती और अनुशासित प्रकृति का प्रमाण है। लेकिन इंजीनियरिंग की दुनिया छोड़कर इन्होंने सिविल सेवा का रास्ता चुना। 1989 में राजस्थान कैडर से आईएएस बनने के बाद श्रीनिवास ने कभी पीछे मुड़कर नहीं देखा। वे राजस्थान के पांचवें सबसे वरिष्ठ अधिकारियों में से एक हैं ।
IIAS के अध्यक्ष भी चुने गए है आईएएस वी श्रीनिवास
संस्कृति मंत्रालय में संयुक्त सचिव रहते हुए आईएएस वी. श्रीनिवास ने राष्ट्रीय अभिलेखागार का नेतृत्व किया। डिजिटल संरक्षण, सांस्कृतिक विरासत के दस्तावेजीकरण और अभिलेख प्रणाली को मजबूत करने में उनकी भूमिका सराहनीय रही। 2025-2028 के लिए उन्हें अंतरराष्ट्रीय प्रशासनिक विज्ञान संस्थान (IIAS) का अध्यक्ष चुना गया, जो वैश्विक स्तर पर प्रशासनिक उत्कृष्टता का प्रतीक है। श्रीनिवास की ईमानदारी और कुशल शासन के लिए उन्हें हमेशा सम्मान दिया है । केंद्र से राज्य वापसी के लिए राजस्थान सरकार ने प्रस्ताव भेजा, जिसे कार्मिक एवं प्रशिक्षण विभाग ने 14 नवंबर 2025 को मंजूरी दी। उनकी जगह आईएएस रचना शाह को अतिरिक्त प्रभार सौंपा गया है ।
आईएएस वी. श्रीनिवास के नेतृत्व में प्रशासनिक कार्यो में आएगी पारदर्शिता
आईएएस वी. श्रीनिवास की कहानी मेहनत, नवाचार और सेवा भाव की है। एक तेलुगु मूल के अधिकारी के रूप में राजस्थान को नया मुख्य सचिव मिलना विविधता का प्रतीक है। उम्मीद है कि उनके नेतृत्व में राज्य प्रशासन और अधिक पारदर्शी, कुशल और जन-केंद्रित बनेगा. यह नियुक्ति राजस्थान के लिए एक नया दौर लाने वाली है। वी. श्रीनिवास की प्रोफाइल नौकरशाहों के लिए प्रेरणा है।इंजीनियरिंग की डिग्री से लेकर मुख्य सचिव की कुर्सी तक सब कुछ संभव है।
आईएएस वी. श्रीनिवास को 35 साल का अनुभव
35 साल की सर्विस में से 14 साल सेंट्रल डेपुटेशन, 3 साल आईएमएफ में अमेरिका रहे । आईएएस वी श्रीनिवास 35 साल की सर्विस में आधे से ज्यादा वक्त केंद्र सरकार में बीता है। वे 17 साल डेपुटेशन पर रह चुके हैं। इसमें से 14 साल दिल्ली में और 3 साल आईएमएफ में रहे हैं। आईएएस वी. श्रीनिवास पहली बार साल 2000 से 2006 तक सेंट्रल डेपुटेशन पर रहे। 5 जुलाई 2000 से 7 फरवरी 2001 तक पेट्रोलियम मंत्रालय में डिप्टी सेक्रेटरी रहे। इसके बाद वे 6 फरवरी 2001 से 6 सितंबर 2003 तक तत्कालीन विदेश मंत्री और वित्त मंत्र के निजी सचिव रहे। 2 सितंबर 2003 से 6 अक्टूबर 2006 तक आईएफ वॉशिंगटन डीसी में भारत के कार्यकारी निदेशक के तकनीकी सहायक रहे।
पूर्व प्रधानमंत्री पीवी नरस्मिहा राव के रिश्तेदार
पूर्व विदेश मंत्री जसवंत सिंह के निजी सचिव रह चुके वी श्रीनिवास। पूर्व पीएम पीवी नरस्मिहा राव के रिश्तेदार हैं। उनकी पत्नी राव की रिश्ते में दोहिती हैं। श्रीनिवास बड़े पदों पर रहे हैं। अटल बिहारी वाजपेयी की अगुवाई वाली एनडीए सरकार में वे तत्कालीन विदेश मंत्री और वित्त् मंत्री जसवंत सिंह के निजी सचिव रहे थे। इसके बाद वे इंटरनेशन मॉनेट्री फंड वॉशिंगटन में भारत के कार्यकारी निदेशक के तकनीकी सहायक रहे हैं ।
पाली और जोधपुर के कलेक्टर रह चुके हैं
वी. श्रीनिवास ने आईएएस करियर 1989 में भीलवाड़ा एसडीओ पद से शुरू किया। इसके बाद वे निंबाहेड़ा एसडीओ भी रहे। 1995 से 1998 तक जलग्रहण विकास और मृदा संरक्षण विभाग के निदेशक रहे। पाली और जोधपुर के कलेक्टर रह चुके हैं। श्रीनिवास 30 दिसंबर 1997 से 23 मार्च 1999 तक पाली और 20 मार्च 1999 से 30 दिसंबर 99 तक जोधपुर के कलेक्टर रहे। इसके बाद 28 अक्टूबर 1999 से 7 जुलाई 2000 तक वे वित्त विभाग के उपसचिव रहे।
सितंबर 2026 में होंगे सेवानिवृत्त
आईएएस वी श्रीनिवास सितंबर 2026 में रिटायर होंगे। सरकार चाहे तो साल भर एक्सटेंशन का विकल्प भी है । केंद्र सरकार चाहे तो छह—छह महीने के दो एक्सटेंशन भी दे सकती है। पहले भी कई मुख्य सचिवों को एक्सटेंशन मिलते रहे हैं।
सुबोध अग्रवाल के बाद सबसे सीनियर आईएएस
आईएएस वी श्रीनिवास को सीएस बनाने से एक अफसर की सीनियरिटी लांघी है। आईएएस अफसरों में वी श्रीनिवास सुबोध अग्रवाल के बाद सबसे सीनियर हैं। 1988 बैच के एकमात्र आईएएस सुबोध अग्रवाल दिसंबर में रिटायर हो रहे हैं। सुबोध अग्रवाल अभी आरएफसी अध्यक्ष हैं। श्रीनिवास 1989 बैच के आईएएस हैं और दिसंबर के बाद उनसे सीनियर कोई आईएएस नहीं रहेगा। 1989 बैच में श्रीनिवास और शुभ्रा सिंह ही हैं। आईएएस शुभ्रा सिंह रोडवेज चेयरमैन हैं और सचिवालय से बाहर हैं। इसके बाद 1990 बैच का कोई अफसर नहीं है,फिर 1991 बैच में आईएएस सुधांश पंत हैं। प्रशासनिक परंपरा है कि मुख्य सचिव से सीनियर अफसर को सचिवालय में नहीं रखा जाता। उन्हें बाहर भेजना होता है। अब किसी अफसर को सचिवालय से बाहर भेजने की आवश्यकता नहीं होगी।













