दिलखुश मोटीस
सावर(अजमेर)@स्मार्ट हलचल|केकड़ी क्षेत्र में वर्षों से सक्रिय अवैध बजरी खनन माफिया के बढ़ते आतंक, बिगड़ती कानून-व्यवस्था और ईमानदार पुलिसकर्मियों पर हो रहे कथित अन्याय के खिलाफ शुक्रवार को जनआक्रोश फूट पड़ा। अवैध बजरी खनन पर वैधानिक कार्रवाई करने वाले सदर थाना केकड़ी में तैनात एएसआई राजेश कुमार मीणा के समर्थन में मीणा समाज सहित सर्व समाज के सैकड़ों लोग सड़कों पर उतरे और अतिरिक्त जिला कलेक्टर केकड़ी को मुख्यमंत्री भजन लाल शर्मा एवं माननीय राज्यपाल के नाम ज्ञापन सौंपा।
शांत केकड़ी बना बजरी माफिया का गढ़
ज्ञापन में बताया गया कि कभी शांत और सौहार्दपूर्ण माना जाने वाला केकड़ी क्षेत्र आज अवैध बजरी खनन माफिया के भय, दबाव और अराजकता का केंद्र बनता जा रहा है। अवैध खनन गतिविधियों के कारण हाल ही में एक निर्दोष व्यक्ति की मृत्यु तक हो चुकी है, जिससे आमजन में गहरा आक्रोश और असुरक्षा का माहौल व्याप्त है।
कर्तव्य पालन की मिली सजा
ज्ञापनकर्ताओं ने बताया कि एएसआई राजेश कुमार मीणा ने अपने कर्तव्य का निर्वहन करते हुए अवैध बजरी खनन स्थल पर कार्रवाई कर डंपर, जेसीबी व ट्रैक्टर जब्त कर थाने में खड़े किए, जो पूरी तरह वैधानिक कार्रवाई थी।
लेकिन बजरी माफिया और उन्हें प्राप्त कथित राजनीतिक संरक्षण के चलते एएसआई पर हमला करवाया गया, उनके साथ मारपीट की गई और न्याय दिलाने के बजाय उन्हें ही निलंबित कर दिया गया।
इतना ही नहीं, दबाव बनाने और डराने के उद्देश्य से एएसआई राजेश मीणा के विरुद्ध झूठा व मनगढ़ंत मुकदमा भी दर्ज करवाया गया, जिसे समाज ने न्याय की मूल भावना के खिलाफ बताया।
सोशल मीडिया के जरिए चरित्र हनन का गंभीर आरोप
ज्ञापन में गंभीर आरोप लगाया गया कि मामले को भटकाने और दबाने के लिए असामाजिक तत्वों द्वारा एएसआई राजेश मीणा की पत्नी की निजी फोटो व वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल कर बदनामी व चरित्र हनन का प्रयास किया गया। इसे आईटी एक्ट एवं भारतीय दंड संहिता के तहत गंभीर अपराध बताते हुए दोषियों के खिलाफ तत्काल सख्त कार्रवाई की मांग की गई।
Rajesh Meena, who took action against the sand mafia
प्रमुख मांगें
मीणा समाज एवं आम जनता ने प्रशासन के समक्ष निम्नलिखित प्रमुख मांगें रखीं—
एएसआई राजेश मीणा का निलंबन तत्काल प्रभाव से निरस्त कर बहाल किया जाए।
उनके विरुद्ध दर्ज झूठा मुकदमा वापस/निरस्त किया जाए।
मारपीट की निष्पक्ष, स्वतंत्र व उच्चस्तरीय जांच करवाई जाए।
हमले में शामिल प्रत्यक्ष व अप्रत्यक्ष दोषियों एवं संरक्षण देने वालों पर कठोर कार्रवाई हो।
बजरी माफिया से जुड़े लोगों की CDR, लोकेशन व डिजिटल साक्ष्यों की जांच करवाई जाए।
सोशल मीडिया पर बदनामी करने वालों पर आईटी एक्ट व आईपीसी की धाराओं में सख्त कार्रवाई की जाए।
एएसआई राजेश मीणा एवं उनके परिवार को पर्याप्त सुरक्षा उपलब्ध कराई जाए।
केकड़ी क्षेत्र में अवैध बजरी खनन पर रोक के लिए विशेष जांच दल (SIT) का गठन किया जाए।
कार्रवाई नहीं हुई तो होगा बड़ा आंदोलन
ज्ञापन में स्पष्ट चेतावनी दी गई कि यदि समय रहते निष्पक्ष व प्रभावी कार्रवाई नहीं की गई तो आम जनता का कानून व प्रशासन से विश्वास पूरी तरह समाप्त हो जाएगा, जिसकी संपूर्ण जिम्मेदारी शासन-प्रशासन की होगी। आवश्यकता पड़ी तो आंदोलन को और उग्र रूप दिया जाएगा। इस दौरान एडवोकेट रामअवतार मीणा,एडवोकेट लक्ष्मी चंद मीणा, एडवोकेट रामराज सिनोदिया, राजस्थान किसान मजदूर नौजवान सभा सावर तहसील अध्यक्ष देवी लाल लोधा, एडवोकेट रोडू मल सोलंकी, एडवोकेट दुर्गा लाल वर्मा,हरि,मनराज, राकेश कहार,जगदीश चौधरी,बलवीर, मुकेश, रामलाल, शिवप्रताप, ब्रजेश,सावर मल, रामसहाय, शांति लाल, रोहित, ओमप्रकाश, शंकर, उम्मेदसिंह,भुरा लाल,ब्रदी लाल, शैतान, रामप्रसाद, राजेश मेघवंशी,संकरा सुरजमल, मदन,किशन लाल, धन्ना लाल, रामेश्वर,संपत, विष्णु कीर, देवराज , खुशीराम, रामनारायण, जगदीश, दिलखुश मंडा, मुकेश प्रतिहार,लाडुराम, रामसिंह मीणा,संत कुमार, वेदप्रकाश, सुरेश, प्रधान, राकेश, शंकर रामसिंह कालु,रामराज, महावीर, आशाराम सैकड़ों लोग मौजूद रहे।



